राशि गबन के मामलों में पूर्व सरपंच, पूर्व सचिव और रोजगार सहायक के खिलाफ जेल वारंट जारी

रीवा, जिले में पंचायती राज व्यवस्था के तहत विकास कार्यों की राशि में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है. विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रीवा मेहताब सिंह गुर्जर द्वारा भ्रष्टाचार और शासकीय राशि के गबन के अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए एक पूर्व सरपंच, एक पूर्व सचिव और एक ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ गिरफ्तारी और जेल भेजने संबंधी वारंट जारी किए हैं. यह कड़ा कदम मध्य प्रदेश पंचायतराज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92 की उपधारा (2) के तहत उठाया गया है.

सीईओ जिला पंचायत द्वारा जारी वारंट के अनुसार जनपद पंचायत त्योथर की ग्राम पंचायत फरहदी में खेत तालाब निर्माण और मेंढ़ बंधान निर्माण कार्यों में कुल 1,00,237 रुपये की राशि का गबन किया गया था. इस वित्तीय अनियमितता के लिए ग्राम पंचायत के पूर्व सचिव राजबहोर यादव और ग्राम रोजगार सहायक नारायण प्रसाद मिश्रा को जिम्मेदार पाया गया. जिला पंचायत कार्यालय द्वारा नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच कई बार लिखित नोटिस जारी कर वसूली राशि जमा करने के निर्देश दिए गए थे. बार-बार सूचना पत्र दिए जाने के बावजूद दोनों आरोपियों ने राशि जमा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई और न ही पंचायत का रिकॉर्ड सौंपा. इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए न्यायालय विहित प्राधिकारी ने दोनों के खिलाफ धारा 92(2) के तहत वारंट जारी कर दिया है. सीईओ जिला पंचायत ने जनपद पंचायत त्योथर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे स्वयं चाकघाट थाने में उपस्थित होकर इस वारंट की तामीली करवाएं और आरोपियों को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल रीवा की सुपुर्दगी में भेजने की कार्रवाई सुनिश्चित करें.

सीईओ जिला पंचायत द्वारा इसी तरह की एक अन्य समानांतर कार्रवाई ग्राम पंचायत देउपा कोठार जनपद पंचायत त्योथर के पूर्व सरपंच रावेन्द्र सिंह के खिलाफ की गई है. पूर्व सरपंच पर अपनी पदस्थापना के दौरान प्रधानमंत्री आवास निर्माण, शांतिधाम निर्माण, सामुदायिक स्वच्छता परिसर और मेंढ़ बंधान जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों में 1,19,160 रुपये की शासकीय राशि के अपभक्षण का आरोप है. इस राशि की रिकवरी के लिए मई 2026 में मांग पत्र जारी किया गया था, लेकिन राशि जमा न करने और आदेश की अवहेलना करने पर पूर्व सरपंच के विरुद्ध भी धारा 92(2) के तहत सिविल जेल का वारंट जारी किया गया है. जिला पंचायत रीवा ने सोहागी थाना प्रभारी को वारंट तामील कराने के निर्देश जारी करते हुए आरोपी पूर्व सरपंच को अधिकतम 30 दिनों की अवधि के लिए या राशि जमा होने तक सिविल जेल रीवा में परिरुद्ध (बंद) रखने के लिए कहा गया है.

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