
जबलपुर। जबलपुर को देश का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ जीवन जीने के लिए संपूर्ण स्वच्छता पहली और सबसे अनिवार्य शर्त है। अब शहर की स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। हम सबके ऊपर अब पहले से कहीं अधिक दायित्व बढ़ गया है। यह बातें महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने एक स्वच्छ, हरित और उज्जवल भारत की ओर विषय पर आयोजित एक विशेष कार्यशाला में कहीं ।
नए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 कार्यशाला में पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से नए कड़े नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। महापौर ने कहा कि यह नियम शहर को कचरा मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।
स्वच्छता को लेकर लापरवाही बरतने वालों, सडक़ों पर कचरा फेंकने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई को अब कानूनी रूप दे दिया गया है। यानी अब अनुशासनहीनता पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। स्वच्छता अभियान को केवल प्रशासनिक न रखकर जन-आंदोलन बनाने के लिए हर वार्ड स्तर पर विशेष समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां सीधे जनता से जुडक़र जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग करेंगी। शहर से निकलने वाले ठोस कचरे के सही निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। इससे कचरे से पैदा होने वाली बिजली के उत्पादन में भारी बढोत्तरी होगी, जो आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। कार्यशाला के अंत में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं अधिकारियों ने नए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को पूरी निष्ठा से लागू करने और जबलपुर को एक स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य देने का संकल्प लिया।
जब शहर साफ होगा तो बीमारियां दूर रहेंगी
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि जब शहर साफ होगा, तो बीमारियां दूर रहेंगी और नागरिकों का स्वास्थ्य बेहतर होगा। इसके साथ ही कचरे से बिजली बनाने की क्षमता बढऩे से पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी शहर समृद्ध होगा। इस अवसर पर निगमाध्यक्ष रिंकू विज, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार,एम आई सी सदस्य डॉ सुभाष तिवारी, विवेक राम सोनकर , दामोदर सोनी, अंशुल राघवेंद्र यादव, श्रीमती रजनी कैलाश साहू, सिहोरा, पनागर, बरेला आदि के नगर पालिका अध्यक्ष, समस्त पार्षदगणों और सभी अधिकारियों की उपस्थित सराहनीय रही।
