भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद की बैठक वंदेमातरम् के सामूहिक गायन के साथ शुरू हुई। बैठक में सबसे अहम चर्चा उन खाद्यान्न भंडारों के प्रबंधन पर केंद्रित रही, जिन्हें पिछले वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर केंद्र सरकार के निर्धारित आवंटन से अधिक मात्रा में खरीदा गया था।
सरकार अतिरिक्त गेहूं, धान और अन्य अनाज के खुले बाजार में विक्रय तथा उनके व्यवस्थित निपटान के लिए नई नीति तैयार करने पर विचार कर रही है।
बड़ी मात्रा में भंडारित अनाज लंबे समय से गोदामों में पड़ा होने के कारण उसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में सरकार नुकसान कम करने और भंडारण व्यवस्था को सुचारु बनाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।
बैठक में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े प्रभावित क्षेत्रों के लिए मुआवजा तथा पुनर्वास पैकेज पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा परियोजना के लिए आवश्यक नए पैकेज और अन्य प्रशासनिक प्रस्तावों पर भी मंत्रिपरिषद निर्णय ले सकती है।सूत्रों के अनुसार, बैठक में लिए जाने वाले फैसले राज्य की खाद्यान्न प्रबंधन व्यवस्था और केन-बेतवा परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
