
जबलपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण, एनजीटी ने प्रदेश के दो अहम पर्यावरणीय मामलों में सख्त रुख अपनाया है। नीमच के मोरवन बांध के समीप प्रस्तावित टेक्सटाइल प्रोजेक्ट और सिंगरौली स्थित सासन पावर लिमिटेड पर फ्लाई ऐश डंपिंग व प्रदूषण के आरोपों की जांच के आदेश देते हुए संबंधित जिला कलेक्टरों सहित विभिन्न एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
नीमच मामले में याचिकाकर्ता ने मोरवन बांध के किनारे प्रस्तावित करीब 150 बीघा के टेक्सटाइल उद्योग से जल स्रोत, भूजल और कृषि भूमि के प्रदूषित होने की आशंका जताई है। मोरवन बांध जावद, सरवानिया महाराज सहित कई क्षेत्रों की पेयजल और लगभग 15 गांवों की सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। एनजीटी ने नीमच कलेक्टर और मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की दो सदस्यीय समिति गठित कर छह सप्ताह में स्थल निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है। जबकि दूसरे मामले में सिंगरौली की सासन पावर लिमिटेड पर अवैध फ्लाई ऐश डंपिंग, वायु व जल प्रदूषण तथा कृषि भूमि प्रभावित करने के आरोप लगाए गए हैं। एनजीटी ने केंद्रीय व राज्य प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों, सिंगरौली कलेक्टर और कंपनी को नोटिस जारी कर तीन सदस्यीय संयुक्त समिति से जांच रिपोर्ट तलब की है। दोनों मामलों में एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
