महाराष्ट्र: कांग्रेस अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की देखरेख में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच की मांग की

मुंबई/नासिक, 07 जुलाई (वार्ता) महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की देखरेख में कराए जाने और दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।

उन्होंने नासिक में विरोध प्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी पिछले काफी समय से चल रही थी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान अब सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा के कई सदस्य इस मामले से वाकिफ थे, लेकिन उन्होंने चुप रहना चुना।

श्री सपकाल ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद किया गया था, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में मंदिर न्यास के गठन की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और प्रधानमंत्री के करीबी व्यक्तियों को इस न्यास में नियुक्त किया गया था, जिसे सूचना का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखा गया था।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर के भक्तों ने भगवान राम के चरणों में पूरी श्रद्धा के साथ अरबों रुपये, सोने-चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य उपहार दान किए। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यास ने भक्तों के चढ़ावे को “लूटा” है।

राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को लेकर देश भर के भक्तों में गहरे दुख का दावा करते हुए श्री सपकाल ने इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान न देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कथित धोखाधड़ी की मौजूदा विशेष जांच दल यानी एसआईटी जांच महज एक दिखावा है और उन्होंने इन कथित अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की। न्यास के पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे का जिक्र करते हुए श्री सपकाल ने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ कार्रवाई कब की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर आरोपी अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या अल्पसंख्यक समुदायों से होते, तो “तुरंत उनके घरों पर बुलडोजर भेज दिए गए होते”।

श्री सपकाल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हेरफेर के कथित जिम्मेदारों के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को बाधित करने के प्रयास में नासिक में बादल फटने की “झूठी अफवाह” फैलाई थी। उन्होंने कहा कि नासिक सत्याग्रह सफल रहा और जुलाई से पूरे महाराष्ट्र में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया। पूरे महाराष्ट्र में राज्यव्यापी ‘रघुपति राघव राजा राम’ सत्याग्रह का आयोजन किया जायेगा। इसकी शुरुआत नासिक के कालाराम मंदिर से की गई थी।

श्री सपकाल के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में सांसद शोभा बच्चव, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन जोशी, शरद अहिरे, नासिक शहर कांग्रेस अध्यक्ष नीलेश उर्फ बबलू खैरे, नासिक ग्रामीण उत्तर जिला अध्यक्ष रमेश कहंडोले, नासिक ग्रामीण दक्षिण जिला अध्यक्ष भरत ताकेकर, राज्य महासचिव संदीप पाटिल, ज्ञानेश्वर गायकवाड़, वत्सला खैरे सहित पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भक्ति भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ से हुई, जिसके बाद ‘खरा तो एकाची धर्म’ की प्रस्तुति हुई और समापन ‘पसायदान’ के पाठ के साथ हुआ।

 

 

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