सतना: राष्ट्रीय राजमार्ग 39 में सतना- बेला मार्ग पर आरओबी के ऊपर क्षतिग्रस्त हो चुके एक्स्पांशन ज्वॉइंट की मरम्मत कर रहे कम उम्र के मजदूरों को हटा दिया गया है। कार्यपालन यंत्री भूपेन्द्र सिंह ने नवभारत की खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल अकुशल मजदूर हटाते हुए निर्देश दिए हैं कि ब्रेकर मशीन चलाने और निर्माण कार्य में कुशल मजदूरों से ही काम लिया जाए। सोमवार को मजदूरों की बदली के बाद एक्स्पांशन ज्वॉइंट की मरम्मत का काम तेजी से होने लगा है।
गौरतलब है कि सतना- बेला फोरलेन मार्ग (एनएच-39) का निर्माण कार्य 28 फरवरी 2021 को पूरा कर लिया गया था। यह आधिकारिक जानकारी विभाग की ओर से दी गई है। साथ ही बताया है कि वर्तमान में उक्त आरओबी के एक्स्पांशन ज्वॉइंट के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उसकी मरम्मत/प्रतिस्थापन का कार्य कराया जा रहा है। मरम्मत कार्य के अंतर्गत क्षतिग्रस्त एक्स्पांशन ज्वॉइंट को ब्रेकर मशीन की सहायता से सावधानी पूर्वक हटाकर उसके स्थान पर तकनीकी विनिर्देशों के अनुरूप नया एक्स्पांशन ज्वॉइंट स्थापित किया जा रहा है।
सस्ते पड़ते हैं अकुशल मजदूर
जानकार बताते हैं कि निर्माण कार्य में कम उम्र के साधारण मजदूर सस्ते पड़ते हैं, जबकि एक्स्पांशन ज्वॉइंट की मरम्मत करने के लिए कुशल और वयस्क मजदूरों की आवश्यकता होती है। कुशल मजदूरों की मजदूरी भी अधिक होती है, शायद उसी रकम को बचाने के लिए बिना उच्च अधिकारियों को बताए यहां कम उम्र के सस्से मजदूरों से काम कराया जा रहा था। नवभारत ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया, जिस पर गौर करने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के महत्वपूर्ण एक्स्पांशन ज्वॉइंट की मरम्मत अब कुशल हाथों से कराई जा रही है।
इनका कहना है
फोटो देखने के बाद हमने पता लगाया तो यह बात आई कि सभी मजदूर 20 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। फिर भी उन मजदूरों को हटाते हुए कुशल मजदूरों से काम कराने के निर्देश दिए हैं।
– भूपेंद्र सिंह लोधी, कार्यपालन यंत्री, एनएच पीडब्लूडी, रीवा
