
सीधी । कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर के आदेश के एक माह बाद भी हिरन नदी के अतिक्रमण की जांच शुरु नही हो सकी। ऐसी चर्चा है कि दल के दलदल में हिरन नदी की जांच फंस गई है।
बताते चलें कि जिला व्यापारी संघ सीधी अध्यक्ष लालचंद गुप्ता द्वारा शहर की हिरन नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने कलेक्टर को पत्र लिखा गया था। लिहाजा जिला शहरी विकास अभिकरण जिला सीधी की ओर से अपर कलेक्टर द्वारा जारी पत्र क्रमांक 122/डूडा/2026 दिनांक 4 जून 2026 में हिरन नदी के भूमि एवं अतिक्रमण की जांच के लिये 4 सदस्यीय दल गठित किया गया। जांच दल में उपखण्ड अधिकारी गोपदबनास सीधी, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन क्रमांक 01 जिला सीधी, सीएमओ जिला सीधी एवं तहसीलदार गोपदबनास सीधी शामिल थे। दल द्वारा मौके पर निरीक्षण कर अतिक्रमणों को चिन्हित करने की कार्रवाई की गई। किन्तु अतिक्रमणकारियों को चिन्हित करने के पश्चात अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।
००
कार्यवाही की निर्धारित होनी चाहिए समयसीमा
हिरन नदी के चिन्हित अतिकमणों को हटाने की कार्रवाई की समयसीमा निर्धारित होनी चाहिए। पिछले वर्ष भी हिरन नदी के सीमांकन के पश्चात अतिक्रमणकारियों को तो चिन्हित कर लिया गया था लेकिन बाद में बरसात के पश्चात हटाने को कहा गया था। बरसात समाप्त होने के पश्चात मामले को ठंडे बस्ते में कैद कर दिया गया। अब फिर से यही स्थिति दिखने लगी है।
००
आदेश को गंभीरता से नहीं लिये गठित दल के अधिकारी
हिरन नदी के अतिक्रमणों को हटाने के आदेश को गठित दल के अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया। लिहाजा मौके पर जून महीने में जाकर अतिक्रमणों को चिन्हित करने के पश्चात उन्हें हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित कराने की जरूरत नहीं समझी गई। जांच दल की पूरी कार्रवाई महज औपचारिकता में ही सिमटी हुई नजर आ रही है।
००
इनका कहना है
हिरन नदी की भूमि एवं अतिक्रमण चिन्हित कर कार्यवाही करने हेतु गठित चार सदस्यीय दल द्वारा अभी तक यदि कोई कार्यवाही नही शुरु की है तो संबंधित दल को स्मरण पत्र भेजकर जल्द कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जायेंगें।
बी.पी.पाण्डेय, अपर कलेक्टर जिला सीधी
००००००००००००००
