नयी दिल्ली, 06 जुलाई (वार्ता) नेक्स्ट भारत वेंचर्स आईएफएससी प्राइवेट लिमिटेड ने सोमवार को 2,000 करोड़ रुपये के अपने दूसरे फंड की शुरुआत की घोषणा की।
कंपनी की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके साथ ही यह देश के सबसे बड़े इम्पैक्ट-केंद्रित वेंचर फंड में शामिल हो गया है। यह नया फंड ग्रामीण भारत तथा प्रवासी और शहरों के वंचित समुदायों के जीवन स्तर और सतत आजीविका में सुधार लाने वाले “इम्पैक्ट उद्यमियों” को बड़े पैमाने पर समर्थन प्रदान करेगा।
नेक्स्ट भारत वेंचर्स दो वर्ष पुरानी संस्था है। यह कृषि, ग्रामीण आपूर्ति श्रृंखला, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सेवा, ग्रामीण गतिशीलता और सामाजिक हित के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों पर फोकस करती है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ऐसे स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देना है जो रोजगार सृजित करें, किसानों की आय बढ़ाएं, ग्रामीण मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करें और महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहित करें।
इससे पहले कंपनी ने 340 करोड़ रुपये का फंड पेश किया जो सफल साबित हुआ। अब तक उसने 50 से अधिक इम्पैक्ट स्टार्टअप का समर्थन किया है। उनमें से 20 से अधिक में पूंजी, मार्गदर्शन और इकोसिस्टम सहयोग के माध्यम से निवेश किया गया है।
नेक्स्ट भारत वेंचर्स के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा आईआईटी हैदराबाद के पूर्व छात्र विपुल जिंदल नाथ ने कहा, “हमारा पहला फंड इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक प्रभाव और व्यवसाय साथ-साथ चल सकते हैं, और आजीविका एवं जीवन की गुणवत्ता में सुधार के आधार पर मजबूत व्यवसाय बनाये और विस्तारित किये जा सकते हैं।”
सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के प्रतिनिधि निदेशक एवं अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी ने कहा, “भारत में जापान का निवेश हमेशा भारत की क्षमता में साझा विश्वास पर आधारित रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारी चार दशक पुरानी साझेदारी (मारुति सुजुकी इंडिया) है। इस साझेदारी की सबसे महत्वपूर्ण विरासत केवल कारें नहीं हैं, बल्कि उनसे जन्मे उद्यम हैं — साधारण दुकानें जो बड़े डीलरशिप में बदल गयीं, मरम्मत कार्यशालाएं जो ऑटो-पार्ट्स आपूर्तिकर्ता बन गयीं, और एक आपूर्तिकर्ता जिसने पूरे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) इकोसिस्टम को जन्म दिया। इस प्रकार हमने भारत भर में अनुमानित तीन हजार से अधिक उद्यमी तैयार किये, जो स्थानीय रोजगार और आय के स्वदेशी इंजन बन गये। फंड-2 के माध्यम से हम इस प्रतिबद्धता को और गहरा कर रहे हैं और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भारत सरकार के साथ इस यात्रा में सहभागी बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।”
