यूक्रेन पर रूस का घातक हमला, 11 लोगों की मौत और 60 घायल

कीव/मास्को, 06 जुलाई (वार्ता) रूस के आज तड़के यूक्रेन पर किये गये सबसे घातक मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गयी है और 60 अन्य घायल हो गये हैं। यह इस वर्ष का सबसे घातक हमला बताया जा रहा है।

यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले ने देश के हवाई रक्षा नेटवर्क की बढ़ती कमजोरियों को उजागर कर दिया है। आपातकालीन टीमें सीधे हमले का शिकार हुई दो आवासीय बहुमंजिला इमारतों के मलबे को हटाने में जुटी रहीं, जबकि बचाव दल ढह चुकी संरचनाओं के नीचे फंसे जीवित लोगों की तलाश करते रहे। यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रात भर में सैकड़ों ड्रोन और दस से अधिक मिसाइलें दागीं, जिनमें मुख्य निशाना कीव था। अधिकारियों ने बताया कि हमले के दौरान दागी गयी सभी 29 बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में कामयाब रहीं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी के कारण ऐसा हुआ है।

यह हमला कीव पर एक अन्य रूसी हमले में 31 लोगों के मारे जाने के कुछ दिन बाद हुआ है, जो इस वर्ष यूक्रेनी राजधानी पर हुआ सबसे घातक हमला था। वायुसेना प्रवक्ता यूरी इहनात ने कहा कि यूक्रेन को मिसाइल इंटरसेप्टर की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय टेलीविजन पर कहा, “बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए हमें साधनों की जरूरत है। रूसी निश्चित रूप से इस बात का फायदा उठा रहे हैं कि इस समय यूक्रेन और पूरी दुनिया में इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी है।”

अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अपने पश्चिमी सहयोगियों से देश की हवाई रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने दलील दी कि मौजूदा आपूर्ति रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला करने के लिए नाकाफी है।

श्री जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेनी सेना ड्रोन और क्रूज मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम कर रही है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ नहीं। जब तक पैट्रियट मिसाइलें हमारे सहयोगियों के शस्त्रागार में रखी रहेंगी, तब तक रूस को आवासीय इमारतों को ‘तबाह’ करने का बढ़ावा मिलता रहेगा। अमेरिका-यूरोप के पास इसे रोकने के लिए पर्याप्त साधन है।”

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ये हमले हाल ही में लंबी दूरी के यूक्रेनी हमलों के जवाब में किये गये हैं। रूस ने दावा किया कि उसने कीव में सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें ड्रोन, मिसाइल, बख्तरबंद गाड़ियां और हवाई रक्षा उपकरण बनाने वाले स्थल, ईंधन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे शामिल थे।

ड्रोन युद्ध के अपने रणनीतिक इस्तेमाल के जरिये रूसी सेना की बढ़त को सफलतापूर्वक रोकने या उसे मुश्किल में डालने के बावजूद यूक्रेन बैलिस्टिक मिसाइलों से सुरक्षा के लिए अमेरिकी पैट्रियट प्रणालियों पर पूरी तरह से निर्भर बना हुआ है। इंटरसेप्टर मिसाइलों की वैश्विक मांग बढ़ने से लगातार इसकी किल्लत होती जा रही है। खुद अमेरिका भी अब अपने घरेलू संकट का सामना करने लगा है, क्योंकि वैश्विक और घरेलू मांग उत्पादन क्षमता से कहीं ज्यादा हो गयी हैं।

ताजा हमले ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के मुताबिक, अब अपने चौथे वर्ष में प्रवेश कर चुके इस रूस-यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक 16,000 से अधिक यूक्रेनी नागरिक मारे जा चुके हैं। यह लड़ाई यूक्रेन की सीमाओं के पार भी फैल गयी है। यूक्रेन ने भी रूसी प्रभुत्व वाले इलाके क्रीमिया, सेवास्तोपोल और यारोस्लाव पर ड्रोन हमला किया है। इसके बाद क्रीमिया के अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर बिजली गुल होने की जानकारी दी। इसका कारण उन्होंने ‘बाहरी प्रभाव’ बताया। सेवास्तोपोल में मॉस्को के नियुक्त गवर्नर मिखाइल रजवोझायेव ने कहा कि यूक्रेनी हमलों ने बिजली आपूर्ति ठप कर दिया था। इसके बाद बैकअप प्रणालियों के जरिये बिजली बहाल की गयी।

 

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