नयी दिल्ली, 06 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। श्री खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती ताकत के दावे वास्तविक आंकड़ों से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि एक वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग के अनुसार भारत 2013 में 74वें स्थान से जून 2026 में 80वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि एक अन्य वैश्विक पासपोर्ट इंडेक्स में भारत 2026 में 125वें स्थान पर है। उन्होंने दावा किया कि इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय पासपोर्ट की स्थिति मजबूत होने के बजाय कमजोर हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने सेवाओं में सुधार करने के बजाय पासपोर्ट बनवाना महंगा कर दिया है। उनके अनुसार, सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़ाकर 2,500 कर दी गई है, जबकि तत्काल पासपोर्ट शुल्क 5,000 तक पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने पर्यटन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या अब भी कोविड-पूर्व स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। उनके मुताबिक, 2019 में 1.093 करोड़ विदेशी पर्यटक भारत आए थे, जबकि 2024 में यह संख्या 99.5 लाख रही। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार इस कमी को छिपाने के लिए एनआरआई आगमन को विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों के साथ जोड़कर पेश कर रही है।
उन्होंने भारत की आधिकारिक वीजा आवेदन वेबसाइट को भी पुरानी और जटिल बताते हुए कहा कि “अतिथि देवो भव:” की भावना रखने वाले देश में पर्यटकों के लिए ऐसी अव्यवस्थित व्यवस्था उचित नहीं है। श्री खरगे ने कहा कि यदि भारतीय पासपोर्ट कमजोर हुआ है, पर्यटन अब तक पूरी तरह नहीं संभला है, वीजा सेवाएं संतोषजनक नहीं हैं और नागरिकों से अधिक शुल्क वसूला जा रहा है, तो फिर सरकार जिस वैश्विक सम्मान का दावा करती है, वह आखिर कहां दिखाई देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि प्रभावित हो रही है।

