तेहरान, 06 जुलाई (वार्ता) ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को तेहरान में निकाली गयी, जिसमें लाखों लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने इसे देश के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा जनसमूह बताया है। अंतिम यात्रा के दौरान शहीद आयतुल्ला खामेनेई के ताबूत को आजादी स्क्वायर तक ले जाया गया। देशभर से शोकाकुल ईरानियों के साक्षी बने इस जुलूस में उनके परिवार के कई सदस्यों के राष्ट्रीय ध्वज में लिपटे ताबूत भी शामिल थे। इन सभी की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में मौत हो गयी थी।
काले वस्त्र पहने बड़ी संख्या में लोग मातम मनाते हुए तेहरान की सड़कों पर उमड़ पड़े। शोक व्यक्त कर रहे लोग सीना पीटते हुए नारे लगा रहे थे, ईरानी झंडे लहरा रहे थे और आयतुल्ला खामेनेई के चित्र हाथों में लिये हुए थे। आयोजकों के अनुसार लगभग 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकाले जा रहे इस जुलूस के 10 से 12 घंटे तक चलने की संभावना है। यह जुलूस दमावंद स्ट्रीट, इमाम हुसैन चौक, इंकलाब स्ट्रीट, इंकलाब चौक, आजादी स्ट्रीट, आजादी चौक और मेहराबाद हवाई अड्डे के निकट स्थित शहीद लशगरी राजमार्ग से होकर गुजरेगा।
ग्रैंड आयतुल्ला जाफर सुबहानी ने रविवार को शहीद आयतुल्ला खामेनेई, उनके दामाद डॉ. मेस्बाह-उल-हुदा बाघेरी-कानी, पुत्रवधू जहरा हद्दाद-अदेल, 14 माह की पोती जहरा मोहम्मदी-गोलपायेगानी तथा पुत्री सैय्यदेह बोशरा हुसैनी-खामेनेई की नमाज-ए-जनाजा अदा करायी। आयोजकों के अनुसार मंगलवार को पवित्र शहर कुम में रियासती जनाज़े से जुड़े कार्यक्रम जारी रहेंगे। इसके बाद बुधवार को इराक के नजफ और करबला में भी श्रद्धांजलि और अंतिम विदाई समारोह आयोजित किये जाएंगे।
रियासती जनाज़े की अंतिम रस्में गुरुवार को ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में संपन्न होंगी, जहां उनकी वसीयत के अनुसार उन्हें आठवें शिया इमाम हजरत इमाम रज़ा (अ.स.) के पवित्र रौजे में सुपुर्द-ए-खाक किया जायेगा। इस बीच राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि शहीद आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई ने देश को यह सिखाया कि ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनता और उसकी एकता है।
राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि करुणा, एकता और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ ईरान सम्मान और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहेगा।

