
कटनी | शहर के माधवनगर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह हुए एक सनसनीखेज घटनाक्रम ने जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विश्राम बाबा स्थित काली माता मंदिर के सामने एक खाली प्लॉट पर चल रहे जमीनी विवाद ने उस समय खूनी मोड़ ले लिया, जब क्षेत्र के नामचीन उद्योगपति मुकेश कुमार गुप्ता (सेठ) पर लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस ने सत्तारूढ़ दल बीजेपी (BJP) के नेताओं और उनके समर्थकों सहित करीब 35 लोगों के खिलाफ ‘हत्या के प्रयास’ (अटेम्प्ट टू मर्डर) का गंभीर मामला दर्ज किया है।
*प्लॉट पर पहुंचे थे उद्योगपति, आरोपियों ने घेरा*
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट और सूत्रों के अनुसार, बालगंगाधर तिलक वार्ड (पन्ना मोड़, कुठला) के निवासी और प्रतिष्ठित व्यवसायी मुकेश कुमार गुप्ता (50 वर्ष) जब विश्राम बाबा स्थित खाली प्लॉट के पास मौजूद थे, तभी जमीन पर वर्चस्व को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े रसूखदार नेता अपने समर्थकों के साथ लाठी-डंडे और घातक हथियारों से लैस होकर वहां आ धमके। आरोपियों ने उद्योगपति मुकेश सेठ को चारों तरफ से घेर लिया और मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में मुकेश गुप्ता को गंभीर चोटें आई हैं।
इन बीजेपी नेताओं और आरोपियों पर नामजद केस दर्ज
माधवनगर पुलिस ने पीड़ित उद्योगपति की शिकायत पर अपराध क्रमांक 606/26 दर्ज किया है। पुलिस ने जिन मुख्य आरोपियों को नामजद किया है, उनमें क्षेत्र के रसूखदार बीजेपी नेता और उनके खास सिपहसालार शामिल हैं:
* रमेश शुक्ला (बीजेपी नेता)
* यज्ञवल शुक्ला (बीजेपी नेता)
* हर्ष पाण्डेय (बीजेपी नेता)
* कोका शुक्ला (बीजेपी नेता)
* अरमान द्विवेदी
* मनोज कुशवाहा
* मनु परौहा
इन नामजद चेहरों के अलावा 30 से 35 अन्य अज्ञात हमलावर भी इस वारदात में शामिल थे, जिन्होंने लाठियां चमकाकर इलाके में दहशत फैलाई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर बाकी आरोपियों की शिनाख्त कर रही है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराएं लगीं
चूंकि मामला शहर के बड़े उद्योगपति और सत्ताधारी दल के नेताओं से जुड़ा है, इसलिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बलवा और हत्या के प्रयास जैसी कई गैर-जमानती धाराएं लगाई हैं:
धारा 109(1):हत्या का प्रयास (पुरानी IPC की धारा 307 के समकक्ष)
धारा 191(2) व 191(3):घातक हथियारों के साथ संगठित होकर बलवा और दंगा करना।
अन्य धाराएं:296(बी) (गाली-गलौज), 115(2) (गंभीर चोट पहुंचाना), 351(3) (जान से मारने की धमकी), 119(2) और 324(4)।
मामले में क्रॉस केस भी दर्ज
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने संतुलन बनाने की कवायद भी की है। इसी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष के रमेश कुमार शुक्ला की शिकायत पर पुलिस ने मुकेश गुप्ता, राकेश गुप्ता और आशु गुप्ता के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
