भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस का राज्यव्यापी साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ अब महज एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा व्यापक सामाजिक आंदोलन बनता जा रहा है। पुलिस ने शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक नवाचारपूर्ण गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है।
अभियान के तहत प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों, बाजारों और सार्वजनिक आयोजनों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर प्रतिदिन पोस्ट, वीडियो, रील और जनहित संदेशों के जरिए भी लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आयोजित साइबर जागरूकता मैराथन में छह हजार से अधिक नागरिकों ने भाग लेकर ‘सेफ क्लिक, सेफ लाइफ’ का संदेश दिया। वहीं भोपाल के आरडी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में लगभग 1,500 विद्यार्थियों और शिक्षकों को डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, यूपीआई और क्यूआर कोड धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं तथा सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए गए। विशेषज्ञों ने किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
उज्जैन, विदिशा, खंडवा, राजगढ़, अनूपपुर, टीकमगढ़, सिंगरौली, सीधी, ग्वालियर, छिंदवाड़ा और कटनी सहित कई जिलों में भी व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जबकि राजकीय रेलवे पुलिस ने रेल यात्रियों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देकर सतर्क रहने का संदेश दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सेफ क्लिक 2.0 का उद्देश्य साइबर अपराधों के विरुद्ध समाज में जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देना और जनसहभागिता के माध्यम से सुरक्षित साइबर वातावरण तैयार करना है।
