रीवा: जिले के बैकुंठपुर थानान्तर्गत पिता-पुत्र के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की तरफ से जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान आधा दर्जन आरोपियों ने आवेदन वापस लेने का आग्रह करते हुए कहा है कि वह 6 माह की कारावास अवधि पूरी करने के बाद जमानत आवेदन पेश करेंगे। हाईकोर्ट जस्टिस अजय कुमार निरंकारी ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए प्रकरण में दो अन्य आरोपियों को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया।
रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में सुरेश कचेर एवं उनके पुत्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। जिला न्यायालय ने उनका जमानत आवेदन खारिज कर दिया था। जिसके बाद जमानत के लिए उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। पीड़ित पक्ष ने जमानत आवेदन के विरोध करते हुए एकलपीठ को बताया कि आरोपियों ने पिता सुरेश और बेटे निशांत के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। जिसके कारण दोनों को फ्रैक्चर व गंभीर चोटें थी।
सुनवाई के दौरान 6 आरोपियों की तरफ से जमानत आवेदन वापस लेने की प्रार्थना की। इसके साथ ही 6 महीने का कारावास पूर्ण होने के बाद दोबारा आवेदन लगाने की छूट प्रदान करने का आग्रह किया। एकलपीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए 6 आरोपियों के जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। एकलपीठ ने अन्य आरोपियों को जमानत का लाभ प्रदान कर दिया। पीड़ित परिवार ने एडवोकेट सुजीत तोमर की पैरवी की सराहना की है
