सीहोर। हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति बहुल वार्ड के पार्षद लोकेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी हैै. स्थगन आदेश से यह साबित हो गया है कि अब लोकेन्द्र वर्मा वार्ड 11 के पार्षद बने रहेंगे.
कांग्रेस नेता नरेंद्र खंगराले द्वारा लोकेंद्र वर्मा को जाति के आधार पर पार्षद पद से हटाने के लिए हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका दायर की गई थी और वर्मा के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की मांग की गई थी. गठित समिति ने वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के लिए आदेश पारित किया था जिस पर पार्षद लोकेंद्र वर्मा ने जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थगन याचिका दायर की थी. जिसके बाद हाईकोर्ट ने वर्मा के अधिवक्ता धीरज कुमार तिवारी के द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर पार्षद लोकेंद्र वर्मा के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने पर अगले आदेश तक रोक लगा दी हैै.
पार्षद लोकेंद्र वर्मा ने कहा कि चुनावों में 6 प्रत्याशी और थे लेकिन किसी ने भी और नागरिकों जाति को लेकर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है. सभी प्रत्याशी और नागरिक वार्ड में हो रहे विकास कार्यो और नागरिकों को मिल रहे शासकीय योजनाओं के लाभ से प्रसन्न है. वर्मा ने वार्ड में प्रत्याशी रहे नरेंद्र खंगराले पर वार्ड में जारी विकास कार्यों से चिढ़कर झूठे आरोप लगाकर छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया है.
