भुवनेश्वर, 04 जुलाई (वार्ता) ओडिशा सरकार ने राज्य में भारी बारिश के कारण अपने प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा है।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने और बाढ़, जल-जमाव, कमजोर ढांचों एवं खड़ी फसलों को होने वाले नुकसान तथा निचले इलाकों व शहरी अंडरपास में पानी भरने जैसी स्थितियों से बचाव के हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को आंधी-तूफान के दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह देते हुए मौसम विभाग की आधिकारिक सुझावों का पालन करने को कहा गया है।
गौरतलब है कि विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) के कार्यालय के तहत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (सीईओसी), जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों के साथ मिलकर चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर रखे हुए है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, संबलपुर, अंगुल, बौध, सोनपुर और कंधमाल जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश के लिए ‘रेड वार्निंग’ जारी की गई है। वहीं भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, खुर्दा, पुरी, कटक, ढेंकनाल, नयागढ़, गंजाम, गजपति, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा, बलांगीर, बरगढ़, कालाहांडी और रायगढ़ जिलों के लिए ‘ऑरेंज वार्निंग’ जारी की गई है, जबकि मयूरभंज, बालासोर, क्योंझर, देवगढ़, सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा जिलों में भारी बारिश के लिए ‘येलो वार्निंग’ दी गई है।
राज्य में शनिवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटों में औसतन 24.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। बरगढ़ जिले के सोहेला प्रखंड में सबसे अधिक 202 मिमी बारिश हुई। पहली जुलाई से 4 जुलाई के बीच कुल बारिश 94.2 मिमी रही, जो 43.7 मिमी के सामान्य औसत से 115.8 प्रतिशत अधिक है।
अधिकारियों ने भारी बारिश के बावजूद सभी प्रमुख नदियों के चेतावनी स्तर से नीचे बहने की बात कही।
खराब मौसम के कारण मछुआरों को 4 जुलाई से 7 जुलाई तक ओडिशा तट के पास और समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। एसईओसी ने कहा कि वह बदलती स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और राज्य में कुल मिलाकर हालात नियंत्रण में हैं।
