वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इस्तेमाल के लिए स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता छह साल में 100 गीगावाट होने की संभावना: रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 04 जुलाई (वार्ता) वाणिज्यिक एवं औद्योगिक (सीएंडआई) इस्तेमाल के लिए विशेष तौर पर स्थापित देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता मौजूदा 32 गीगावाट से बढ़कर साल 2032 तक लगभग 100 गीगावाट पर पहुंचने की संभावना है। इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) और कस्टमाइज्ड एनर्जी सॉल्यूशंस (सीईएस) की एक संयुक्त रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थापित क्षमता में वृद्धि के अलावा इस क्षेत्र में ऊर्जा भंडारण क्षमता 10 गुना से ज्यादा बढ़कर 31 गीगावाट प्रति घंटा तक पहुंचने की उम्मीद है। ‘इंडिया स्टेशनरी स्टोरेज मार्केट फॉर सीएंडआई एप्लीकेशन्स: इनसाइट्स टिल 2032’ नामक यह रिपोर्ट अगले सप्ताह नयी दिल्ली में होने वाले इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक (आईईएसडब्ल्यू) 2026 के दौरान जारी की जायेगी।

रिपोर्ट के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा के लिए उद्योग जगत की बढ़ती मांग, ग्रिड टैरिफ में बढ़ोतरी और ऊर्जा की मजबूती जैसे मामलों को प्राथमिकता देने से इस क्षेत्र में वृद्धि दर्ज की जायेगी। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण के इस्तेमाल को बढ़ाने में सरकार के स्तर पर नीतिगत उपायों को भी एक अहम कारक बताया गया है। रिपोर्ट में महाराष्ट्र की हाल ही में घोषित नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण नीति का जिक्र किया गया है। इस नीति के तहत 100 किलोवाट से ज्यादा क्षमता वाले नये नवीकरणीय ऊर्जा परियाजनाओं के लिए ऊर्जा भंडारण जरूरी है और बिजली वितरण कंपनियों को वित्त वर्ष 2035-36 तक अपनी बिजली का 10 प्रतिशत हिस्सा भंडारण से खरीदना होगा।

इसमें गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान की नीति का भी जिक्र है – जैसे बैंकिंग प्रावधान, निपटान के तौर-तरीकों और पारेषण शुल्क में छूट – जो नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने में मददगार हैं।
आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्या सेन ने कहा कि राज्यों की अनुकूल नीतियों और भरोसेमंद तथा कम-कार्बन वाली बिजली के लिए व्यापार की बढ़ती मांग के कारण वाणिज्यिक एंव औद्योगिक ग्राहकों के लिए ऊर्जा भंडारण बाजार तेजी से बढ़ रहा है। कस्टमाइज़्ड एनर्जी सॉल्यूशंस के प्रबंध निदेशक विनायक वालिम्बे ने कहा कि जैसे-जैसे नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज का इस्तेमाल बढ़ेगा, उद्योग जगत और नीति निर्माता दोनों के लिए बड़े अवसर सामने आने का अनुमान है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि साल 2032 तक सभी ऊर्जा भंडारण स्थापनाओं में से आधे से अधिक औद्योगिक इकाइयों में होंगे। इसमें डेटा सेंटर और जरूरी अवसंरचना – जैसे अस्पतालों, मेट्रो और रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर भी भंडारण के इस्तेमाल में तेजी से वृद्धि की उम्मीद है। इंडिया एनर्जी स्टोरेज वीक 2026 नयी दिल्ली के यशोभूमि में 08 से 10 जुलाई तक आयोजित किया जायेगा।

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