नई दिल्ली, भारतीय डाक विभाग द्वारा संचालित नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) एक ऐसी सरकारी बचत योजना है, जो बाजार के जोखिमों से पूरी तरह मुक्त है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खूबी इसका लचीलापन है, जहाँ कोई भी व्यक्ति न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत कर सकता है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। यह योजना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो भविष्य की आपात स्थितियों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद वित्तीय कोष बनाना चाहते हैं।
कंपाउंडिंग का मिलता है लाभ
NSC पर वर्तमान में 7.7 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर मिलती है, जो कंपाउंडिंग के फॉर्मूले के साथ जुड़कर निवेश को तेजी से बढ़ाती है। उदाहरण के लिए, यदि आप पांच साल के लिए 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो परिपक्वता (मैच्योरिटी) पर आपको 7,24,517 रुपये प्राप्त होंगे, यानी सीधा 2,24,517 रुपये का लाभ। इस योजना का लॉक-इन पीरियड 5 साल का होता है, जो लंबे समय के लक्ष्यों को पूरा करने में काफी मददगार साबित होता है।
कर छूट और प्रधानमंत्री का भरोसा
इस स्कीम में धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। यह योजना कितनी विश्वसनीय है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसमें निवेश करते हैं। उन्होंने चुनावी हलफनामे में अपनी इस बचत के बारे में जानकारी दी थी, जो समय के साथ बढ़कर 9 लाख रुपये से अधिक हो गई है। यह सुरक्षा और रिटर्न का एक बेजोड़ मेल है।

