
नई दिल्ली, 03 नवम्बर 2025: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के प्रमुख एमके स्टालिन द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक में बड़ा निर्णय लिया गया है। इस बैठक में तमिलनाडु की 48 राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया, और सभी ने SIR (संभवतः सूची संशोधन या इसी तरह के किसी विवादास्पद नियम/प्रक्रिया) के खिलाफ एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। बैठक के बाद स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि SIR के पीछे का असली मकसद लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनना और लोकतंत्र की हत्या करना है, जिसके खिलाफ खड़ा होना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री स्टालिन को SIR प्रक्रिया मंजूर नहीं है, और उन्होंने आरोप लगाया कि इसे जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है। स्टालिन ने पहले भारत के चुनाव आयोग (ECI) से यह सुझाव दिया था कि मतदाता सूचियों में संशोधन देशभर में 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद पर्याप्त समय लेकर किया जाना चाहिए। स्टालिन के अनुसार, मतदाता सूची संशोधन में भ्रम और शंकाएं हैं। चूंकि ECI ने DMK की इस मांग को नहीं माना, इसलिए आज की सर्वदलीय बैठक में सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला लिया गया है, ताकि मतदाताओं के मताधिकार की रक्षा की जा सके।
DMK की ओर से बुलाई गई इस बैठक में 48 दलों ने हिस्सा लिया, लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) इससे दूर रही। TVK की अनुपस्थिति के कारण द्रमुक से तकरार शुरू हो गई है और दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा है, जिससे यह मुद्दा और भी राजनीतिक रंग ले चुका है। एमके स्टालिन ने बैठक में हिस्सा लेने वाली पार्टियों का आभार व्यक्त किया और उन दलों से भी अपील की, जिन्होंने भाग नहीं लिया, कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए पहल करें।
