इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में अब स्वच्छता व्यवस्था को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों से और ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा. नगर निगम और भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर मिलकर अगले दो वर्षों तक जल, स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं तकनीकी सहयोग करेंगे. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने एमआईसी ने उक्त प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
तकनीक के साथ स्वच्छता का अगला अध्याय लिखने की तैयारी कर रहा है इंदौर. इसको लेकर नगर निगम और आईआईएम के बीच तकनीकी समझौता किया जा रहा है. इससे शहर में आईआईएम के साथ मिलकर नगर निगम स्मार्ट वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल बनाएगा. 8 जून 2026 को मेयर काउंसिल बैठक में स्कोप ऑफ वर्क के तहत आईआईएम इंदौर का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और नगर निगम चरणबद्ध तरीके से शहर की स्वच्छता व्यवस्था का वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे. साथ ही शहर के स्वच्छता मॉडल को तकनीक आधारित, अधिक प्रभावी बनाकर विकसित करना है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता में लगातार देश का नेतृत्व किया है. अब हमारा लक्ष्य तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन के जरिए इस मॉडल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है. आईआईएम इंदौर के साथ यह साझेदारी एआई आधारित स्मार्ट समाधान विकसित करेगी.
निम्न तीन चरणों में विकसित होगा तकनीक आधारित मॉडल
– पहले चरण में अगस्त से दिसंबर तक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली का वैज्ञानिक मूल्यांकन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और परिवहन कार्यक्षमता और उपचारित अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग का आकलन.
– दूसरे चरण में सितंबर से मार्च तक सार्वजनिक शौचालयों संचालन हेतु वित्तीय मॉडल, आईओटी आधारित सीवरेज मॉनिटरिंग सिस्टम का परीक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन का नई तकनीक से डेटाबेस बनाना.
– तीसरे चरण में अप्रैल से सितंबर तक एआई आधारित पूर्वानुमान और निर्णय सहायता प्रणाली विकसित कर अध्ययन द्वारा जल, स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन की बेहतर योजना बनाना है
