नयी दिल्ली 03 जुलाई (वार्ता) बंंगलादेश में तीस्ता नदी परियोजना में चीन की भागीदारी पर भारत ने कहा है कि वह इस मसले पर बंगलादेश को अपने विचारों से पहले ही अवगत करा चुका है और भारत इस मुद्दे से जुड़े घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि बंगलादेश की परियोजनाओं के लिए भारत की ओर से मदद परस्पर सहमति के रोड़मैप पर आधारित है और इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है।
प्रवक्ता ने कहा ,” बंगलादेश में परियोजनाओं के लिए भारत की ओर से विकास से जुड़ी मदद परस्पर सहमति वाले रोडमैप पर आधारित है, जिसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है। तीस्ता नदी परियोजना पर हमारे विचार पहले ही बांग्लादेश पक्ष को बताए जा चुके हैं। हम तीस्ता मुद्दे पर अपने समग्र दृष्टिकोण में इससे जुड़ी सभी गतिविधियों को ध्यान में रखेंगे।”
उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश ने तीस्ता नदी के 100 किलोमीटर लंबे हिस्से के जीर्णोद्धार के लिए चीन से सहायता मांगी है। इस परियोजना में बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग, तटबंध निर्माण और जल भंडारण शामिल हैं। भारत की इसे लेकर चिंता है कि यह प्रस्तावित चीनी परियोजना भारत के रणनीतिक ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ (चिकेन नेक) के बहुत करीब है और वह इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानता है।
उधर चीन ने इस बारे में कहा है कि वह केवल बंगलादेश के अनुरोध पर इस परियोजना के लिए सहमत हुआ है और इसके अलावा उसका कोई और इरादा नहीं है।
