
गुना। शहर जगनपुर क्षेत्र में स्थित क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय के अस्थाई परिसर में पहली ही तेज बारिश ने निर्माण कार्य की तकनीकी खामियों को उजागर कर दिया है। बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल पर लगी खिड़कियों से लगातार बारिश का पानी अंदर भर रहा है, जिससे विश्वविद्यालय का स्टाफ और छात्र बेहद परेशान हैं। कमरों में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य मूल्यवान सामग्री को भीगने से बचाने के लिए प्रबंधन को आनन-फानन में खिड़कियों पर तिरपाल डालकर अस्थाई इंतजाम करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि क्रांतिवीर तात्या टोपे विश्वविद्यालय फिलहाल मॉडल साइंस कॉलेज के जिस अस्थाई भवन में संचालित हो रहा है, वह इमारत महज 3 साल पहले ही बनकर तैयार हुई थी। वर्तमान हालातों को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि भवन निर्माण के समय तकनीकी पहलुओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया, जिसके कारण आज यह नौबत आई है। पानी भरने से सबसे बड़ा खतरा वहां रखे जरूरी रिकॉर्ड्स और सरकारी कागजातों के खराब होने का बना हुआ है।
गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय के स्थाई परिसर के लिए गुना के सिंगवासा क्षेत्र में जमीन स्वीकृत हो चुकी है, जहां आगामी समय में भव्य निर्माण किया जाना है। मामले को लेकर विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. किशन यादव ने भी माना कि तकनीकी कमी के कारण कुछ परेशानी जरूर हो रही है, इसलिए सुरक्षा के तौर पर फिलहाल तिरपाल का अस्थाई इंतजाम कर दिया गया है ताकि दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जा सके।
