मैनचेस्टर, 03 जुलाई (वार्ता) पांच मैचों की सीरीज का पहला मैच बारिश में धुलने के बाद भारत और इंग्लैंड की टीमें शनिवार को यहां ओल्ड ट्रैफर्ड में होने वाले दूसरे टी-20 मुकाबले में जीत दर्ज करना चाहेंगी। चेस्टर-ले-स्ट्रीट में पहला मैच भारत की पारी पूरी होने के बाद रद्द हो गया था, इसलिए मैनचेस्टर का मुकाबला और भी अहम हो गया है। दोनों टीमें इस मैच में जीत दर्ज कर शुरुआती बढ़त हासिल करना चाहेंगी। भारत पहले मैच में अपनी बल्लेबाजी के प्रदर्शन से काफी सकारात्मक चीजें लेकर आगे बढ़ेगा।
आक्रामक बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने केवल 24 गेंदों में धुआंधार 59 रन बनाकर इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने संयमित 68 रन बनाकर पारी को संभाला। इसके बाद शिवम दुबे ने 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाकर पारी को शानदार ढंग से खत्म किया, जिससे मेहमान टीम की बल्लेबाजी की गहराई का पता चला। भारत के लिए चिंता का एकमात्र विषय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन का लगातार खराब प्रदर्शन है, जो अपनी पिछली तीन टी-20 पारियों में मात्र छह रन ही बना पाए हैं। 15 साल के बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी के तैयार होने के कारण, अगर टीम मैनेजमेंट बदलाव करने का फैसला करता है तो उन्हें चयन को लेकर दुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
गेंदबाजी की बात की जाये तो भारतीय आक्रमण एक बार फिर अर्शदीप सिंह के इर्द-गिर्द घूमेगा, जो हाल ही में टी-20 अंतरराष्ट्रीय में देश के सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हैं। उम्मीद है कि उन्हें हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई और अक्षर पटेल का साथ मिलेगा, क्योंकि भारत ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। वहीं, इंग्लैंड के गेंदबाजो का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा, भले ही उन्हें लक्ष्य का पीछा करने का मौका नहीं मिला। साकिब महमूद ने 33 रन देकर 3 विकेट लेकर प्रभावित किया, जबकि अनुभवी लेग-स्पिनर आदिल राशिद ने अनुशासित स्पेल के साथ अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। सैम करन ने भी किफायती गेंदबाज़ी से दबाव बनाए रखा।
मैच रद्द होने के कारण सीरीज में मेजबान टीम की बल्लेबाजी इकाई का असली रूप अभी तक पता नहीं चल पाया है। कप्तान हैरी ब्रूक एक मजबूत टीम की कप्तानी करेंगे जिसमें फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन और विल जैक्स शामिल हैं। इंग्लैंड को उम्मीद है कि उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी भारत पर दबाव बना सकती है। ओल्ड ट्रैफर्ड में टी-20 क्रिकेट के लिए आम तौर पर संतुलित पिच रही है। बादल छाए रहने पर तेज गेंदबाजों को शुरुआती मूवमेंट का फ़ायदा मिलता है, और बाद में विकेट बल्लेबाजी के लिए अनुकूल हो जाता है।
इस मैदान पर टी-20 अंतरराष्ट्रीय में पहली पारी का औसत स्कोर 181 रहा है, जबकि यहाँ खेले गए 10 मैचों में से छह बार दूसरी पारी में बल्लेबाज़ी करने वाली टीम जीती है। भारत को इस मैदान पर अपने हालिया रिकॉर्ड से भी आत्मविश्वास मिलेगा, क्योंकि उन्होंने ओल्ड ट्रैफर्ड में अपने पिछले दो टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच जीते हैं, जिसमें 2025 में मिली छह विकेट की जीत भी शामिल है। हालांकि, इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने और सीरीज में शुरुआती बढ़त बनाने के लिए उत्सुक होगा।

