करूर, तमिलनाडु सरकार ने करूर में पिछले वर्ष हुई दुखद भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने घोषणा की है कि इस घटना में जान गंवाने वाले 41 लोगों के परिवारों में से एक-एक सदस्य को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। यह कदम पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल देने और उनके प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री का करूर दौरा
मुख्यमंत्री जोसेफ विजय आगामी 10 और 11 जुलाई को करूर का दौरा करेंगे। यह मुख्यमंत्री बनने के बाद उनका करूर का पहला आधिकारिक दौरा है, जिसके दौरान वे एक सरकारी कल्याणकारी योजना वितरण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पिछले साल सितंबर में हुई भगदड़ की घटना के पीड़ितों के परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें सांत्वना देना और नौकरी संबंधी नियुक्ति पत्र सौंपना है।
प्रशासनिक और राजनीतिक महत्व
पिछले साल 27 सितंबर को हुई इस भगदड़ की घटना ने पूरे तमिलनाडु को झकझोर दिया था। उस समय पीड़ितों को चेन्नई बुलाने के फैसले पर हुई आलोचनाओं के बाद अब मुख्यमंत्री का स्वयं करूर जाकर परिवारों से मिलना राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस घटना के बाद से ही राज्य में सार्वजनिक कार्यक्रमों और राजनीतिक रैलियों के सुरक्षा मानकों में बड़े बदलाव किए गए हैं।

