नयी दिल्ली, 02 जुलाई (वार्ता)। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा है कि नेतृत्व की वास्तविक पहचान अधिकार से नहीं, बल्कि विनम्रता, सत्यनिष्ठा और करुणा के साथ समाज सेवा की क्षमता से होती है इसलिए युवाओं को नैतिक मूल्यों के साथ राष्ट्र सेवा को लक्ष्य बनाने तथा बड़े सपने देखने से कभी हिचकना नहीं चाहिए।
श्री राधाकृष्णन ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति भवन में एमपी लीड फेलोशिप के प्रतिभागियों से संवाद करते हुए कहा कि भारत एक था, एक है और हमेशा एक रहेगा। उन्होंने युवाओं से क्षेत्र, भाषा और जाति जैसी संकीर्ण सीमाओं से उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया और कहा कि हिमालय से कन्याकुमारी तक फैली साझा सांस्कृतिक विरासत ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत ने 1960 के दशक में खाद्यान्न संकट से निकलकर आज विश्व के प्रमुख खाद्यान्न निर्यातक देशों में स्थान बनाया है। युवाओं को इस परिवर्तनकारी यात्रा से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
श्री राधाकृष्णन ने कहा कि एमपी लीड फेलोशिप युवाओं को सार्वजनिक नीति, सुशासन और संसदीय प्रक्रियाओं का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण मंच है। इससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कार्य करने तथा सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने प्रतिभागियों से निरंतर आत्म-सुधार, उत्कृष्टता और योग्यता को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया। प्रशिक्षुओं की क्षमता पर विश्वास जताते हुए उन्होंने कहा कि उनमें से अनेक युवा भविष्य में सार्वजनिक जीवन, प्रशासन और न्यायपालिका में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगे। संभव है कि आपमें से ही कोई देश का उपराष्ट्रपति भी बने।
युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करें। उन्होंने फेलोशिप के प्रतिभागियों से जिज्ञासु बने रहने, नवाचार अपनाने और व्यापक राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एमपी लीड फेलोशिप विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भविष्य के राष्ट्रनिर्माताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद अजीत माधवराव गोपचड़े की पहल पर संचालित दो माह के इंटर्नशिप कार्यक्रम एमपी लीड फेलोशिप का उल्लेख करते हुए बताया कि पांच हजार से अधिक आवेदनों में से चयनित 40 फेलो इस कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। उन्होंने चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इनमें 62 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो देश के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
