इंदौर। सड़क के बीचों-बीच क्या होता है? डिवाइडर… या फिर गड्ढा! लेकिन इंदौर में तो सड़क के बीचों-बीच बोरिंग ही कर दी गई। अब इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग पूछ रहे हैं… “ये रोड है या बोरवेल साइट?”
दरअसल, मामला इंदौर के गिरधर नगर इलाके का है। बताया जा रहा है कि सड़क के एक तरफ ड्रेनेज लाइन है, तो दूसरी ओर गैस और नर्मदा पाइपलाइन। यानी बोरिंग के लिए किनारे कहीं जगह ही नहीं बची। ऐसे में अधिकारियों ने सड़क के बिल्कुल बीच का रास्ता चुन लिया।
वार्ड पार्षद राजीव जैन का कहना है कि इलाके में लंबे समय से पानी की किल्लत थी। सरकारी मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी वजहों से यही जगह सबसे सुरक्षित मानी गई।
उधर, कांग्रेस ने इसे लापरवाही बताते हुए सवाल उठाए हैं। जबकि पार्षद का दावा है कि बोरिंग से किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी और सड़क पर चैंबर बनाकर उसे पूरी तरह समतल कर दिया जाएगा।
