विजयवर्गीय इंदौर की उपेक्षा से आहत हैं तो जबलपुर और पूरे महाकौशल में तो बगावत होनी चाहिए: तंखा

जबलपुर: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को कथित तौर पर लिखे गए पत्र को लेकर अब सियासी पारा चढ़ गया है।राजनीतिक गलियारोंं में चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अब राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर निशाना साधते हुए लिखा कि यदि कैलाश विजयवर्गीय इंदौर की उपेक्षा से आहत हैं, तो जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र में तो बगावत की स्थिति होनी चाहिए।

आगे उन्होंने कहा कि जबलपुर की लगातार अनदेखी की गई है। मेडिकल यूनिवर्सिटी का विभाजन कर दिया गया, एमपीईबी का बड़ा हिस्सा जबलपुर से बाहर कर दिया गया, मनेरी औद्योगिक क्षेत्र आज तक विकसित नहीं हो सका, डिफेंस फैक्ट्रियां बदहाल हैं और क्रिकेट स्टेडियम तक नहीं बन पाया। जबलपुर में प्रस्तावित डिफेंस क्लस्टर का कोई अता-पता नहीं है। शहर की करीब तीन लाख महिलाएं सिलाई और वस्त्र कारोबार से जुड़ी हैं, लेकिन उनके लिए बड़ा बाजार विकसित करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं हुआ।

पिछले 30-40 वर्षों में कोई बड़ा उद्योग नहीं आया और हवाई सेवाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। मुख्यमंत्री को लिखे गए कथित पत्र में कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर के कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों में हो रही देरी और उपेक्षा का मुद्दा उठाया है। इंदौर के साथ हो रही अनदेखी पर नाराजगी जताते हुए लिखा कि वे आहत हैं और पिछले ढाई सालों में उन्हें केवल असहयोग, उपेक्षा और विरोध का सामना करना पड़ा है। उन्होंने मास्टर प्लान के लंबित रहने, सिंहस्थ से जुड़े कार्य इंदौर में नहीं होने, एयरपोर्ट विस्तार सहित अन्य विकास परियोजनाओं में पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई।

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