नयी दिल्ली, 01 जुलाई (वार्ता) आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने और 2027 में भारत में रेडियो प्रसारण के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आकाशवाणी ने बुधवार को विशेष फोटो गैलरी ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ का शुभारंभ किया।
सूचना प्रसारण मंत्रालय ने आज बताया कि यहां आयोजित समारोह में पद्म विभूषण पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ गैलरी का उद्घाटन किया।
मंत्रालय ने कहा कि करीब नौ दशकों से आकाशवाणी देश की समृद्ध संगीत परंपरा को संरक्षित और प्रसारित करते हुए महान कलाकारों की प्रस्तुतियों को करोड़ों श्रोताओं तक पहुंचाती रही है। इसी विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से इस गैलरी की स्थापना की गयी है। पहले चरण में 20 महान संगीत विभूतियों के चित्र प्रदर्शित किये गये हैं। इनमें भारत रत्न से सम्मानित एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी, पंडित रविशंकर, लता मंगेशकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, पंडित भीमसेन जोशी और डॉ. भूपेन हजारिका शामिल हैं। इसके अलावा पद्म विभूषण सम्मानित पंडित हरिप्रसाद चौरसिया, उस्ताद अमजद अली खान और उस्ताद अलाउद्दीन खान सहित अनेक पद्म भूषण सम्मानित संगीतकारों को भी इस गैलरी में स्थान दिया गया है।
इस अवसर पर प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव द्विवेदी ने कहा कि ‘स्वर प्रेरणा वीथिका’ आकाशवाणी की ओर से उन महान कलाकारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रयास है, जिनके योगदान ने आकाशवाणी को देश की प्रमुख सांस्कृतिक संस्थाओं में स्थापित किया। उन्होंने बताया कि आगामी चरणों में और अधिक कलाकारों के चित्र जोड़े जायेंगे तथा देशभर के आकाशवाणी केंद्रों पर स्थानीय महान संगीतकारों को समर्पित ऐसी ही गैलरियां भी विकसित की जायेंगी।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी ने हमेशा भारतीय संगीत की विविध परंपराओं को मंच प्रदान किया है और नयी पीढ़ी के कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है। उन्होंने बताया कि हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के लिए ‘रागम’ तथा भक्ति संगीत के लिए ‘आराधना’ नामक डिजिटल चैनल यूट्यूब, न्यूज़ -ऑन -एयर ऐप और वेब्स ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चौबीसों घंटे उपलब्ध हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए पंडित हरिप्रसाद चौरसिया ने इस अवसर को अपने लिए “घर वापसी” जैसा बताया। उन्होंने कहा कि उनकी संगीत यात्रा की शुरुआत आकाशवाणी के बाल कार्यक्रम से हुई थी। उन्होंने आकाशवाणी को कलाकारों का परिवार बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्था आगे भी भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाती रहेगी।
