नई दिल्ली | भारत में आज से पासपोर्ट बनवाने और उससे संबंधित सेवाओं का लाभ लेना काफी महंगा हो गया है। विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी नए शुल्क ढांचे के तहत प्रशासनिक व्यय और तकनीकी आधुनिकीकरण का हवाला देते हुए लगभग 14 साल बाद दरों में यह व्यापक बदलाव किया गया है। यह नई दरें आज से देश भर के पासपोर्ट सेवा केंद्रों के साथ-साथ विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी प्रभावी हो गई हैं। आवेदन से लेकर पुलिस क्लीयरेंस तक की सेवाओं पर शुल्क बढ़ा दिया गया है।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर भारी जुर्माना
पासपोर्ट के खो जाने या क्षतिग्रस्त होने के मामलों में अब आम नागरिकों को अपनी जेब अधिक ढीली करनी होगी। नए नियमों के अनुसार, वयस्कों के लिए सामान्य श्रेणी में रिप्लेसमेंट पासपोर्ट की फीस 3,000 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है, जबकि तत्काल सेवा के लिए यह शुल्क और भी अधिक है। बच्चों के खोए हुए पासपोर्ट को दोबारा बनवाने के लिए सामान्य श्रेणी में 4,250 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 6,750 रुपये का भुगतान करना अनिवार्य कर दिया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए राहत
बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए कुछ रियायतें भी बरकरार रखी हैं। 8 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट का लाभ मिलता रहेगा। हालांकि, यह छूट केवल नए आवेदनों तक सीमित है और पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने के मामलों में लागू नहीं होगी। विदेश में रह रहे भारतीयों के लिए भी पासपोर्ट की फीस को वैश्विक मानकों के अनुरूप संशोधित किया गया है।

