
उमरिया। मानपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण कराने एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर शासन को भ्रमित करने के गंभीर मामले में वन विभाग द्वारा वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस संबंध में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 10688/01 28 जून पंजीबद्ध किया गया है। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि तत्कालीन उमरिया वनमंडल के मानपुर परिक्षेत्र में पदस्थ रहे पूर्व वनकर्मी तितुर सिंह धुर्वे, जिन्हें वर्ष 2009 में शासकीय सेवा से पृथक कर दिया गया था, द्वारा वनाधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का दुरुपयोग करते हुए कथित रूप से कूटरचित दस्तावेज एवं अभिलेख तैयार किए जा रहे थे।
प्राथमिक जांच में यह भी पाया गया कि उक्त दस्तावेजों के माध्यम से ग्रामीणों को वनभूमि पर अतिक्रमण के लिए प्रेरित करने तथा शासकीय अभिलेखों एवं प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर वनाधिकार पत्र बनवाने का प्रयास किया जा रहा था, जबकि संबंधित व्यक्ति वर्तमान में किसी भी प्रकार के शासकीय पद पर कार्यरत नहीं है।
इसी दौरान प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर मानपुर बफर वन परिक्षेत्र अधिकारी अंकित सोनी एवं वन विभाग के स्टाफ द्वारा ग्राम बिजुरी में कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी को कथित रूप से वनाधिकार पत्र बनवाने के लिए लेन-देन एवं सौदेबाजी करते हुए पकड़ा गया। इसके उपरांत आरोपी से पूछताछ की गई तथा उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
प्रकरण की जांच जारी है तथा संबंधित व्यक्तियों के कथनों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण, कूटरचना तथा शासकीय अभिलेखों के दुरुपयोग से संबंधित मामलों में दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
