नयी दिल्ली, 29 जून (वार्ता)। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के कारण अंतरिक्ष, जैवप्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीप टेक जैसे क्षेत्रों में ब्रिक्स तथा अन्य देशों के साथ सहयोग के नये अवसर पैदा हुए हैं।
डॉ. सिंह ने सोमवार को ब्रिक्स चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (ब्रिक्स सीसीआई) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कहा कि उद्योग संगठनों को ज्ञान, नवाचार और सार्थक साझेदारी के माध्यम से वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स सीसीआई भारतीय स्टार्टअप और ब्रिक्स देशों के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के बीच सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने चैम्बर की ओर से व्यापार सुगमता, स्टार्टअप, महिला उद्यमिता, शोध सहयोग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता समेत विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
