दोहा, 28 जून (स्पूतनिक/वार्ता) हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम ने भारतीय समयानुसार शनिवार देर रात कहा है कि अमेरिका में लेबनान-इजरायल के बीच हुआ समझौता उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने इसे ‘संप्रभुता का नुकसान’ बताया।
इससे पहले शुक्रवार को लेबनान-इजरायल के प्रतिनिधियों ने वॉशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता में एक प्रारूप समझौता पर हस्ताक्षर किया था। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है।
लेबनानी टीवी चैनल अल-मनार पर प्रसारित वीडियो संदेश में कासिम ने कहा, “हमें यह समझौता स्वीकार नहीं है। ईरान-अमेरिका के बीच हुए सहमति पत्र (एमओयू) के प्रावधानों को लागू किया जाना चाहिए। वाशिंगटन में हुआ यह प्रारूप समझौता अपमान, शर्मनाक और संप्रभुता को खोने जैसा है।”
उन्होंने कहा कि इजरायली सैनिकों की वापसी को हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण से जोड़ने का प्रावधान बेहद खतरनाक प्रस्ताव है। इसने तमाम दायरों को पार कर दिया है।
इससे एक दिन पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मध्यस्थता में ‘लेबनान की संप्रभु सरकार और इजरायल सरकार के बीच एक प्रारूप समझौते’ की घोषणा की गयी थी। इस समझौते से दक्षिणी लेबनान में सक्रिय मुख्य सैन्य बल हिजबुल्लाह को बाहर रखा गया था। तभी से इसके लागू होने पर आशंका बनी हुई थी।
