रातभर चार हाथियों का उत्पात: पंगना-बेलिया में मकान तोड़े, फसलें चौपट, ग्रामीणों ने वन विभाग की गश्ती टीम पर लगाए गंभीर आरोप

अनूपपुर, नवभारत। जिले के वन क्षेत्र से लगे पगना एवं बेलिया गांव में शुक्रवार देर रात चार हाथियों के दल ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों ने कई ग्रामीणों के कच्चे मकानों में तोड़फोड़ की, खेतों और बाड़ियों में लगी फसल एवं सब्जियों को नुकसान पहुंचाया। पूरी रात दहशत में गुजारने के बाद शनिवार सुबह हाथियों का दल गोबरी एवं शक्तिकुंडी के जंगल की ओर लौट गया। घटना के बाद शनिवार दोपहर अनूपपुर तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह ने हल्का पटवारी प्रियंका सोनी एवं अन्य अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने नुकसान का तत्काल सर्वे कर राहत प्रकरण तैयार करने तथा प्रभावित ग्रामीणों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जंगल से गांव तक पहुंचा हाथियों का दल

जानकारी के अनुसार, चार हाथियों का समूह शुक्रवार दिनभर जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम गोबरी वन बीट स्थित झुरहीतलैया जंगल में रुका रहा। देर शाम जंगल से निकलकर शक्तिकुंडी होते हुए ग्राम पंचायत पगना के जल्दाटोला एवं बेलियाकछरा पहुंचा। इसके बाद तिपान नदी पार कर छुलहा ग्राम पंचायत के बेलिया गांव में प्रवेश कर गया। हाथियों ने संग्राम कोल, प्रफूल्य महता, महेश कोल, सुरेश प्रसाद कोल एवं सुकांति कोल के घरों में तोड़फोड़ की। साथ ही खेतों और बाड़ियों में लगी विभिन्न फसलों एवं सब्जियों को नुकसान पहुंचाया। शनिवार सुबह हाथियों का दल पुनः जंगल लौट गया।

पूरी रात दहशत में रहे ग्रामीण

ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के गांव में पहुंचने की सूचना समय पर नहीं मिलने से लोग पूरी रात भय के साये में रहे। कई परिवार हाथियों के घरों के पास पहुंच जाने के कारण अपने ही घरों में कैद होकर डरे-सहमे बैठे रहे। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सूचना मिल जाती तो वे सुरक्षित स्थानों पर चले जाते।

वन विभाग की गश्ती टीम पर लापरवाही का आरोप

ग्रामीणों ने वन विभाग की हाथी निगरानी गश्ती टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने और ग्रामीणों को समय पर सतर्क करने की जिम्मेदारी गश्ती दल की थी, लेकिन न तो समय रहते सूचना दी गई और न ही हाथियों के गांव में प्रवेश के दौरान प्रभावी कार्रवाई की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के काफी देर बाद गश्ती दल मौके पर पहुंचा। एक-दो कर्मचारियों को छोड़ अधिकांश अधिकारी एवं कर्मचारी हाथियों से काफी दूरी पर खड़े होकर केवल तमाशा देखते रहे, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

राहत प्रकरण तैयार करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि सभी नुकसान का आकलन कर तत्काल राहत प्रकरण तैयार कराया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन के नियमानुसार शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही को देखते हुए वन विभाग निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाए तथा गांवों में समय पर अलर्ट जारी कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

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