
छतरपुर। महाराजा छत्रसाल विश्वविद्यालय के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी राजेश नागर (50) का शनिवार सुबह विश्वविद्यालय के कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के आवास पर निधन हो गया। कुलसचिव के अनुसार प्रथम दृष्टया उनकी मौत हृदयाघात (हार्ट अटैक) से हुई प्रतीत होती है। राजेश आवास पर भोजन बनाने का कार्य करते थे और वहीं रहते भी थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ सूत्रों का दावा है कि राजेश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि वह विश्वविद्यालय की स्थापना के समय से विभिन्न जिम्मेदारियों में कार्यरत रहे और बाद में कुलसचिव के आवास पर तैनात थे। सूत्रों के अनुसार स्थायी नियुक्ति को लेकर उन्होंने न्यायालय में भी मामला दायर किया था, जिससे वह तनाव में रहते थे। हालांकि इन दावों की किसी भी अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
