पड़ाना: सीएम हैल्पलाईन के प्रकरणों को कितनी गंभीरता से लिया जाता है उसे इस खबर में लगे फोटो से समझा जा सकता है. करीब दो महीने पहले बारिश से पूर्व सडक़ में जल भराव और निकासी की समस्या पर सुनवाई नहीं होने से एक ग्रामीण ने सीएम हैल्पलाईन पर इसकी शिकायत की थी. लेकिन शिकायत को सुझाव और मांग के नाम पर हल करते हुए बंद कर दिया गया.
यह मामला पड़ाना के ग्राम मऊ का है. यहां के निवासी महेन्द्र नागर ने बीते 13 अप्रैल को सीएम हैल्पलाईन पर शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें बताया गया था कि जिले के सारंगपुर ब्लॉक के ग्राम मऊ में लोक निर्माण विभाग द्वारा सडक़ नाली पुलिया का निर्माण किया गया है. जो कि ठीक प्रकार से नहीं हुआ है. भविष्य में बारिश के समय यहां काफी जलभराव की परिस्थितियां निर्मित होंगी जिससे इस मुख्य मार्ग से ग्रामीणों का आना जाना मुश्किल हो जाएगा. नाली के काम को अधूरा छोड़ दिया गया है इससे मुख्य सडक़ का ड्रेनेज सिस्टम प्रभावित होगा. रहवासियों को इससे काफी समस्या आने लगी है. इसे दुरूस्त कराया जाए.
लेकिन मामले में सुनवाई करने के बजाया लोक निर्माण विभाग ने काम को प्रगतिरत बताते हुए यह कहा गया कि शिकायतकर्ता निर्माण अवधि के पूर्व ही इसके निर्माण की मांग कर रहे है. जो कि पूर्ति योग्य नहीं है. यानी विभाग का कहना था कि इस काम को वे अपने निर्माण तय अवधि में ही करेंगे इसके पूर्व इसे दुरूस्त नहीं किया जा सकता. वहीं सीएम हैल्पलाईन पर लोक निर्माण विभाग के जवाब के बाद शिकायत की स्थिति में यह दर्शा दिया गया कि यह शिकायत प्रकृति मांग श्रेणी की है अत: इसे मांग में परिवर्तित किया जाता है.
36 दिनों में बिना निराकरण शिकायत बंद कर दी
आवेदक महेन्द्र नागर ने 13 अप्रैल को 181 सीएम हैल्पलाईन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद यह एल-1 और एल-2 अधिकारियों से होते हुए एल-3 पर पहुंची. लोक निर्माण विभाग द्वारा फीडबैक के आधार पर निराकरण को एल-2 अधिकारी ने ही दर्ज कर दिया और इसके आधार पर शिकायत को 18 मई को बंद कर दिया गया.
