ला गुएरा, वेनेजुएला | वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 589 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग घायल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में आपातकाल की घोषणा करते हुए बताया कि ला गुएरा राज्य सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए सेना और राहत दल दिन-रात जुटे हुए हैं, जबकि हजारों लोगों के लापता होने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
भारत सहित वैश्विक समुदाय का सहयोग
इस भीषण आपदा के समय भारत ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ के तहत मदद के लिए सबसे पहले आगे आया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायु सेना के दो विमानों द्वारा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन राहत सामग्री और मेडिकल उपकरण भेजे गए हैं। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के समन्वय में अमेरिका, चीन, जर्मनी, तुर्की, ब्राजील और कतर सहित कई देश बचाव दल, सर्च डॉग्स और आधुनिक उपकरणों के साथ वेनेजुएला पहुँच रहे हैं ताकि घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों के बीच पुनर्निर्माण
लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहे वेनेजुएला के लिए यह आपदा एक बड़ी चुनौती है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के अनुसार, इस भूकंप से करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने क्षतिग्रस्त अस्पतालों और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 200 मिलियन डॉलर का फंड जारी किया है। फिलहाल, लोग अपने घरों में लौटने से डरे हुए हैं और प्रशासन के सामने मलबे के नीचे दबे लोगों को खोजने के साथ ही लाखों प्रभावितों तक भोजन और पानी पहुँचाने की बड़ी चुनौती है।

