इंदौर: सिंगापुर टाउनशिप के पास रेलवे द्वारा हाल ही में बनाया गया नया अंडरपास पहली ही बारिश में फेल साबित हुआ. पुराने अंडरपास में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के दावे के साथ नया अंडरपास और पानी निकासी के लिए संप (सम्प) बनाया गया था, लेकिन कुछ घंटों की बारिश ने रेलवे की पूरी तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए.
बारिश के बाद नए अंडरपास में भी पानी भर गया, जिससे राहगीरों और आसपास की कॉलोनियों के रहवासियों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा. हालात ऐसे बने कि रेलवे को पुराने अंडरपास की तरह नए अंडरपास से भी पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा. इसके बाद ही आवागमन सामान्य हो सका. स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि अंडरपास के निर्माण के दौरान बारिश के पानी की निकासी की पर्याप्त और स्थायी व्यवस्था नहीं की गई. उनका कहना है कि जब पहली ही बारिश में यह स्थिति बन गई, तो मानसून के दौरान लगातार या तेज बारिश होने पर अंडरपास पूरी तरह बंद होने का खतरा रहेगा.
कुछ समय बाद निकल जाता है पानी
वहीं रेलवे के पीआरओ मुकेश कुमार ने कहा कि बरसात के दौरान अंडरपास में पानी भरना सामान्य बात है. उनका कहना है कि कुछ समय बाद पानी अपने आप निकल जाता है और यदि जलभराव बना रहता है तो पंप के जरिए पानी निकालने की व्यवस्था की जाती है.
कार्य प्रणाली पर उठाए सवाल
इधर किसान नेता हंसराज मंडलोई ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मामूली बारिश में ही नए अंडरपास की यह स्थिति है, तो 3-4 इंच बारिश होने पर क्या हाल होगा. उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि पहली बारिश में ही पंप के सहारे व्यवस्था चलानी पड़े, तो निर्माण की गुणवत्ता और रेलवे की इंजीनियरिंग पर गंभीर सवाल उठना स्वाभाविक है. किसान नेता ने कहा कि इस अंडरपास में पहले भी पानी भरने के कारण एक युवा की मौत हो चुकी है इसलिए इस सिंगापुर टाउनशिप वाले बोगदे का स्थाई समाधान सरकार को करना चाहिए.
