पोद्गोरिका/वॉशिंगटन, 26 जून (वार्ता) अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और मोंटेनेग्रो की पुलिस ने संयुक्त अभियान में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधी को धर-दबोचा है। इस ईरानी-तुर्की नागरिक पर आरोप है कि उसने साल 2013 से चलाये जा रहे एक व्यापक हैकिंग अभियान के तहत 150 से अधिक अमेरिकी विश्वविद्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन साइबर हमलों से देश को लगभग 28,400 करोड़ रुपये (3.4 बिलियन डॉलर) से अधिक का भारी-भरकम नुकसान हुआ है। न्यूयॉर्क की एक अदालत को कंप्यूटर धोखाधड़ी, हैकिंग, पहचान की चोरी और संगठित अपराध के मामलों में लंबे समय से इस आरोपी की तलाश थी।
मोंटेनेग्रो पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘एबी’ के रूप में पहचाने गये इस संदिग्ध को मोंटेनेग्रो के तटीय शहर कोटोर से हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने दावा किया है कि विश्वविद्यालयों से चुराये गये इस बेहद संवेदनशील डेटा और प्रभावित खातों का इस्तेमाल सीधे तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) तथा अन्य ईरानी संस्थानों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद अब संदिग्ध को मोंटेनेग्रो की राजधानी पोद्गोरिका की अदालत में पेश किया जायेगा, जहां अमेरिकी सरकार के प्रत्यर्पण अनुरोध पर अंतिम फैसला होना है।
यह कार्रवाई अमेरिका के उस पुराने अभियान की याद दिलाती है, जब वर्ष 2018 में अमेरिकी विधि विभाग ने नौ अन्य ईरानी नागरिकों के खिलाफ शैक्षणिक अनुसंधान और डेटा चोरी के मामले में अभियोग जारी किया था। अमेरिका के शीर्ष अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि मोंटेनेग्रो में हुई यह ताजा गिरफ्तारी सीधे तौर पर उसी पुराने मामले से जुड़ी है या यह किसी नये अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क का हिस्सा है।

