बेरूत, 26 जून (वार्ता) ईरान समर्थित हिजबुल्ला लड़ाकों के साथ दो मार्च को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 4,230 हो गयी है। यह जानकारी लेबनान के जन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों में दी गयी है।
मंत्रालय के अनुसार, पिछली बार अद्यतन की गयी जानकारी के बाद से 19 और लोगों की मौत हो गयी है, जबकि घायलों की संख्या भी छह बढ़कर 12,179 पर पहुंच गयी है। ये नए आंकड़े अमेरिका द्वारा शुरू की गयी एक नयी व्यवस्था के बाद सामने आये हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य इजरायल-लेबनान मोर्चे पर होने वाली घटनाओं की स्वतंत्र रूप से निगरानी करना है, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच हुए व्यापक समझौते से जुड़े इस नाजुक युद्धविराम को बनाए रखा जा सके। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि सेंटकॉम के सैनिक अब किसी भी पक्ष के दावों पर निर्भर रहने के बजाय वास्तविक समय में सुरक्षा घटनाओं का आकलन करने के लिए सीधे इजरायली रक्षा बलों और लेबनानी सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। श्री रुबियो ने कहा, “जब भी कोई घटना होती है, तो हम किसी दूसरे की बात पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। हम घटना को खुद देख सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि वास्तव में वहां क्या हुआ था।”
विदेश मंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था सैन्य झड़पों का एक स्वतंत्र आकलन करने और युद्धविराम के कथित उल्लंघनों को लेकर होने वाले विवादों को कम करने के लिए की गयी है। श्री रुबियो ने बुधवार की एक घटना का हवाला देते हुए कहा कि एक गाड़ी में सवार हिजबुल्ला के दो सशस्त्र लड़ाके इजरायली सैन्य चौकी के करीब पहुंचे, जिसके बाद आईडीएफ बलों ने उन्हें निशाना बनाया। उन्होंने कहा, “उदाहरण के लिए, कल एक गाड़ी में सवार दो लोग, जो हथियारों से लैस थे और साफ तौर पर लेबनानी हिजबुल्ला के लड़ाके थे, एक इजरायली चेकपोस्ट के पास पहुंचे। इस पर इजरायलियों ने कार्रवाई की।” अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “अगर यही घटना एक हफ्ते पहले हुई होती, तो आपको सिर्फ एक ऐसी खबर देखने को मिलती कि इजरायलियों ने लेबनान में दो लोगों को मार दिया है। लेकिन अब हमारे पास इसकी पूरी सच्चाई है, इसलिए नहीं कि उन्होंने हमें बताया, बल्कि इसलिए क्योंकि हमने इसे खुद देखा है।”

