
दमोह।मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार व सुभाष सोलंकी प्रधान जिला न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में NALSA DAWN (Drug Awareness and Wellness Navigation for a Drug Free India) Scheme, 2025 के अंतर्गत आज जिला जेल दमोह में अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध व अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता व संवेदनशीलता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी उत्कर्ष दिवाकर, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, जेल अधीक्षक एम.एल. पटेल, कार्यालयीन स्टाफ तथा बड़ी संख्या में बंदीगण उपस्थित रहे.
कार्यक्रम के दौरान बंदियों को संबोधित करते हुए न्यायाधीश उत्कर्ष दिवाकर ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है. नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति की निर्णय क्षमता को कमजोर कर देता है तथा उसे अपराध व अन्य सामाजिक बुराइयों की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने बंदियों से नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सकारात्मक जीवन व्यतीत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा जागरूकता ही नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी हथियार है, आपने एन डी पी एस अधिनियम के विभिन्न दांडिक प्रावधानों के विषय पर भी बंदियों को अवगत कराया.
इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने नशे के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार एवं समाज को भी प्रभावित करता है आपने नशे से होने वाले दुष्परिणामों से बंदियों को अवगत कराते हुए निःशुल्क विधिक सहायता, नालसा डॉन स्कीम, लीगल एड क्लिनिक व विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं की जानकारी भी दी.
कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक एम.एल. पटेल ने उपस्थित न्यायाधीश व अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया,उन्होंने बंदियों को नशे से दूर रहने, अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने तथा जेल में उपलब्ध सुधारात्मक व पुनर्वास गतिविधियों का लाभ उठाकर समाज में पुनः सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने की सलाह दी.
कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें नशामुक्त व सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था.
