
खरगोन। मध्यप्रदेश के इंदौर की 20 वर्षीय नीट-यूजी अभ्यर्थी निक्की यादव की खरगोन जिले में हुई संदिग्ध मृत्यु की जांच में रैपिडो कैब बुकिंग का नया सुराग सामने आने के बाद पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि छात्रा ने परीक्षा समाप्त होने के बाद अपने मोबाइल फोन से ओंकारेश्वर जाने के लिए रैपिडो कैब बुक की थी। इस संबंध में रैपिडो कंपनी से बुकिंग का विवरण, वाहन का पंजीयन क्रमांक तथा चालक की जानकारी मांगी गई थी। संबंधित चालक की पहचान कर उसे बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
पुलिस के अनुसार परीक्षा के बाद छात्रा महू से बस द्वारा इंदौर के सरवटे बस स्टैंड पहुंची थी। सीसीटीवी फुटेज में वह रेलवे स्टेशन के सामने से अकेले एक कार में बैठती दिखाई दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह ओंकारेश्वर कैसे पहुंची और उसके बाद उसके साथ क्या घटनाक्रम हुआ। विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु का कारण जीवित अवस्था में डूबना बताया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन नए तथ्यों के सामने आने के बाद अन्य सभी संभावनाओं की भी जांच की जा रही है। करही थाना प्रभारी राजेंद्र इंगले ने बताया कि छात्रा का मोबाइल फोन अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया था।
उल्लेखनीय है कि इंदौर निवासी निक्की यादव रविवार को महू में आयोजित नीट-यूजी परीक्षा देने गई थी। परीक्षा के बाद घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को खरगोन जिले के करही थाना क्षेत्र में पीटामली के समीप नर्मदा नदी से उसका शव बरामद हुआ था। परिजनों ने अपहरण के बाद हत्या की आशंका जताते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
