
भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर शव रखकर जाम लगाने की लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन अलग-अलग मामलों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं।
पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित करना कानूनन अपराध है। इसी आधार पर जाम लगाने, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और यातायात प्रभावित करने के आरोप में गोहद चौराहा और मेहगांव थाना क्षेत्रों में तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि विवेचना के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।
पुलिस ने बताया कि 23 जून को गोहद चौराहा थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल प्रॉपर्टी कारोबारी सचिन तोमर की उपचार के दौरान मृत्यु के बाद परिजनों और समर्थकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। लगभग 10 घंटे तक चले जाम के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस मामले में कई नामजद तथा अन्य लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है।
दूसरे मामले में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से विवाद में घायल कोमल जाटव की उपचार के दौरान मृत्यु के बाद गोहद चौराहा क्षेत्र में राजमार्ग जाम कर प्रदर्शन किया गया। इस मामले में भी पुलिस ने नामजद तथा 50 से 60 अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।
तीसरी घटना मेहगांव थाना क्षेत्र की है, जहां सड़क दुर्घटना में संतोष बघेल की मृत्यु के बाद गोरमी चौराहे पर लगभग तीन घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम रहा। पुलिस ने समझाइश के बाद भी मार्ग नहीं खुलने पर यातायात बहाल कराया। इस मामले में 22 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों मामलों की विवेचना जारी है। जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
