वॉशिंगटन | अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इमिग्रेशन से जुड़े अहम फैसलों में ट्रंप प्रशासन को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उन नीतियों को सही ठहराया है, जिसके तहत अधिकारी अब अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर शरण मांगने वाले प्रवासियों को देश में प्रवेश से पहले ही लौटा सकते हैं। होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी मार्कवेन मुलिन ने इसे देश की सुरक्षा और इमिग्रेशन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक बड़ी जीत बताया है।
शरण नीति और टीपीएस पर बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन की ‘मीटरिंग’ पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिससे सीमा पर रोजाना आने वाले आवेदकों की संख्या सीमित की जा सकेगी। साथ ही, कोर्ट ने हैती और सीरिया के नागरिकों के लिए ‘टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस’ (TPS) खत्म करने के प्रशासन के अधिकार को भी बरकरार रखा है। कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच के अनुसार, यह फैसला उन प्रयासों को खारिज करता है जो इस प्रोग्राम का दुरुपयोग कर गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में बने रहने की कोशिश करते थे।
प्रशासन की प्रतिबद्धता और प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने इसे कानून के शासन और सामान्य समझ की जीत बताया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर असहमति जताते हुए जस्टिस सोनिया सोटोमायोर ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। गौरतलब है कि ‘मीटरिंग’ पॉलिसी का इतिहास काफी पुराना रहा है और अब सुप्रीम कोर्ट के इस नवीनतम फैसले ने इमिग्रेशन सिस्टम की विश्वसनीयता बहाल करने के ट्रंप प्रशासन के एजेंडे को कानूनी बल प्रदान किया है।

