जयपुर, 25 जून (वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर स्वार्थ की खातिर आपातकाल लगाने और संविधान की हत्या करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि आज वह संविधान की दुहाई देती है और संविधान को बचाने का पाखंड करती है, लेकिन उसने लोकतंत्र के रक्षक नहीं बल्कि भक्षक बनने का काम किया।
श्री शर्मा गुरुवार को राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान ऑडिटोरियम दुर्गापुरा में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इनके मंसूबे सिर्फ भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण के मंसूबे हैं और राष्ट्र के हित में कांग्रेस ने कभी काम नहीं किया। कांग्रेस ने देश में चुनी हुई सरकारों को भंग करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेई, लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और राजनाथ सिंह जैसे लगभग एक लाख से अधिक नेताओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को बिना मुकदमे चलाये जेल में कैद कर दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान से भैरोंसिंह शेखावत, जगदीश प्रसाद माथुर, सतीश चंद्र अग्रवाल और राजेंद्र गहलोत जैसे अनेक कार्यकर्ताओं को भी जेल में यातनाएं सहनी पड़ी। इस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों को सीमित करने के साथ न्यायपालिका की स्वतंत्रता और मीडिया पर सेंसरशिप जैसे कड़े प्रतिबंध लगाये गये थे।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने हमारे देश को स्वतंत्र कराया था और लोकतंत्र सेनानियों ने हमारे संविधान को बचाने का काम किया है। आपातकाल के दौरान हुए अत्याचार से नयी पीढ़ी को हमें अवगत कराना चाहिए कि जब कोई व्यक्ति संविधान की आत्मा को कुचलता है तो देश को किस तरह बुरे नतीजे भुगतने पड़ते हैं। हमारी नयी पीढ़ी को भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटने वाले इस घटनाक्रम को परिचय कराना होगा।
