15 मीटर गहराई में फँसे दो ठेका श्रमिकों का संयुक्त मॉक ड्रिल में किया सफल रेस्क्यू

सारणी। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में ऑन-साइट इमरजेंसी प्लान के अंतर्गत आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा विभिन्न एजेंसियों की आपदा प्रबंधन क्षमता का परीक्षण करने के उद्देश्य से कोल हैंडलिंग प्लांट स्थित नवीन वैगन टिप्लर-01 में संयुक्त आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया।मॉक ड्रिल में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अग्निशमन विभाग, नगर पालिका परिषद सारनी के अग्निशमन दल, डब्ल्यूसीएल, रेस्क्यू टीम, पाथाखेड़ा तथा अक्का लॉजिस्टिक्स के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से भाग लिया

अभ्यास के दौरान यह परिकल्पना की गई कि भूमि सतह से लगभग 15 मीटर नीचे स्थित एप्रोन फीडर में आग लगने से धुआँ फैल गया है तथा दो ठेका श्रमिक अंदर फँस गए हैं। सूचना मिलते ही

आपातकालीन सायरन बजाया गया और सतपुड़ा ताप विद्युत गृह का अग्निशमन दल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचा,

अग्निशमन अधिकारी जगदीश शेंडे द्वारा डब्ल्यूसीएल रेस्क्यू टीम एवं नगर पालिका अग्निशमन दल को सूचना दी गई। सभी टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाते हुए ब्रीदिंग एपरेटस (BA Set) एवं स्पाइन बोर्ड रेस्क्यू स्ट्रेचर की सहायता से दोनों ठेका श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर एम्बुलेंस के माध्यम से चिकित्सीय सहायता हेतु रवाना करने की प्रक्रिया का सफल अभ्यास किया। इसके पश्चात आग पर शीघ्र नियंत्रण स्थापित कर ऑल क्लियर सायरन के साथ मॉक ड्रिल का समापन किया गया।इस अवसर पर डब्ल्यूसीएल रेस्क्यू टीम के एरिया सेफ्टी ऑफिसर कैलाशन झल्ला ने कहा कि इस प्रकार की संयुक्त मॉक ड्रिल विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एवं रेस्क्यू प्रणाली की प्रभावशीलता को परखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।मॉक ड्रिल में डब्ल्यूसीएल रेस्क्यू टीम से जी. नवीन कुमार (इंचार्ज रेस्क्यू टीम) एवं संदीप सराठे (रेस्क्यू ब्रिगेड कैप्टन), सतपुड़ा ताप विद्युत गृह से हरिराम रघुवंशी (उप अग्निशमन अधिकारी), रोधीश नागवंशी,पुष्पेंद्र बघेल, योगेंद्र राजपूत, गौरव दुबे (फायरमैन) तथा अजय डांगी (तकनीकी सहायक), नगर पालिका परिषद सारनी से हरेन्द्र भारती एवं सुरेंद्र डेहरिया (फायरमैन) तथा अक्का लॉजिस्टिक्स से प्रोजेक्ट मैनेजर आनंद श्रीवास्तव, सेफ्टी सुपरवाइजर,हरीश सिनोटिया एवं मनीष झड़बड़े ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।मॉक ड्रिल के उपरांत आयोजित डी-ब्रीफिंग बैठक में आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था एवं विभिन्न एजेंसियों के समन्वय की समीक्षा की गई। मुख्य संरक्षा अधिकारी अमित बंसोड़ ने ऑब्जर्वर के रूप में संपूर्ण अभ्यास का अवलोकन करते हुए सभी टीमों की त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे संयुक्त मॉक ड्रिल नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर बल दिया।

Next Post

मंडलम अध्यक्षों की लिस्ट आते ही कांग्रेस में बवाल, नेताओं पर सवाल

Thu Jun 25 , 2026
ग्वालियर चंबल डायरी हरीश दुबे। ग्वालियर कांग्रेस में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं की अपने ही हठी नेताओं के खिलाफ नाराजगी वैसे तो कोई अनूठी बात नहीं है लेकिन बीते रोज हुई मंडलम अध्यक्ष नियुक्तियों ने फिर एक बार कांग्रेस की कलह को उजागर कर दिया है। राजनीतिक अंत:वीथिकाओं से बाहर निकल […]

You May Like