ग्वालियर: गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय और उससे संबद्ध जयारोग्य अस्पताल समूह के नाम एक और बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। महाविद्यालय की सेंट्रल क्लीनिकल लैब को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) की आधिकारिक मान्यता मिल गई है। इस उपलब्धि के साथ अब जीआरएमसी एवं उससे संबद्ध जयारोग्य चिकित्सालय समूह में होने वाली विभिन्न जांचों की रिपोर्टों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिलेगी।महाविद्यालय को इसका आधिकारिक सर्टिफिकेट भी प्राप्त हो चुका है।
एनएबीएल मान्यता मिलने के बाद मरीजों को अन्य अस्पतालों या चिकित्सा संस्थानों में दोबारा जांच कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। लैब द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्टें गुणवत्ता, सटीकता एवं विश्वसनीयता के निर्धारित अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे मरीजों को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। जीआरएमसी के अधिष्ठाता डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी एवं बायोकेमिस्ट्री विभाग सहित समस्त स्टाफ को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सभी विभागों के चिकित्सकों, तकनीशियनों एवं कर्मचारियों के सामूहिक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की अधिकांश जांच रिपोर्टों को अब एनएबीएल की मान्यता प्राप्त हो चुकी है, जो संस्थान की गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
