अमेरिकी सीनेट ने ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति ट्रंप की सैन्य शक्तियों पर लगाई लगाम, बिना कांग्रेस की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई पर रोक

वॉशिंगटन | अमेरिकी सीनेट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के मामले में सीमित करता है। 50-48 के वोटों से पारित इस प्रस्ताव का उद्देश्य राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की अनुमति के ईरान में अमेरिकी सेना का उपयोग करने से रोकना है। यह प्रशासन के सैन्य अधिकारों पर एक दुर्लभ और सख्त द्विदलीय अंकुश है।

प्रतीकात्मक कदम और कानूनी बहस

यद्यपि व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव को ‘प्रतीकात्मक’ करार देते हुए इसके महत्व को खारिज कर दिया है, लेकिन डेमोक्रेट्स इसे एक बाध्यकारी कदम मान रहे हैं। व्हाइट हाउस का तर्क है कि वर्तमान में ईरान के खिलाफ कोई सक्रिय सैन्य अभियान नहीं चल रहा है, इसलिए सेना को हटाने का सवाल ही नहीं उठता। वहीं, समर्थक सांसद इसे भविष्य की किसी भी अनधिकृत सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए आवश्यक मान रहे हैं।

कांग्रेस और राष्ट्रपति के बीच टकराव

यह वोटिंग कांग्रेस के दोनों सदनों में चल रही उस लंबी बहस का हिस्सा है, जिसमें सांसद राष्ट्रपति के युद्ध संबंधी अधिकारों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल के हफ्तों में कुछ रिपब्लिकन नेताओं का समर्थन मिलने से इस मुहिम को नई ताकत मिली है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव के बीच, यह प्रस्ताव भविष्य की सैन्य भागीदारी पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया है।

Next Post

इजराइल का सैन्य आत्मनिर्भरता पर जोर: पीएम नेतन्याहू ने कहा- हथियारों के लिए अमेरिका पर निर्भरता खत्म करना अब अनिवार्य है

Wed Jun 24 , 2026
तेल अवीव | इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव का आह्वान किया है। उन्होंने रिजर्व अधिकारियों के साथ बैठक में स्पष्ट कहा कि ईरान और उसके प्रॉक्सी गुटों से जारी संघर्षों को देखते हुए इजराइल को सैन्य उपकरणों के मामले में अमेरिका पर अपनी निर्भरता समाप्त […]

You May Like