
मक्सी, रतलाम मंडल के रेल प्रबंधक (डीआरएम) अश्वनी कुमार ने मंगलवार को मक्सी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया, लेकिन इस दौरे ने स्टेशन की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए. निरीक्षण के दौरान डीआरएम स्टेशन परिसर की साफ-सफाई को लेकर खासे नाराज दिखाई दिए और संबंधित अधिकारियों को कड़े लहजे में व्यवस्थाओं को सुधार के निर्देश दिए.
बता दें जिस वक्त डीआरएम अश्वनी कुमार मक्सी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर रहे थे. उस दौरान वे साफ-सफाई व अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने सार्वजनिक रूप से अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश देते हुए जमकर लताड़ लगाई. डीआरएम के निरीक्षण का कवरेज करने के लिए वहां मीडियाकर्मी भी पहुंचे थे. तभी वहां मौजूद सीनियर डीईएनको पीयूष पाण्डेय एवं सीएमआई वैभव उपाध्याय मीडियाकर्मियों को देखकर भड़क़ गए और उन्हें कवरेज करने से रोकने का भी प्रयास किया. इसे लेकर मीडियाकर्मियों ने डीआरएम के समक्ष अपना विरोध भी दर्ज कराया. मीडियाकर्मियों का कहना था कि यह निरीक्षण सार्वजनिक है, जिसके कवरेज से हमें रोका नहीं जा सकता. इस बात को लेकर मीडियाकर्मियों की उक्त अधिकारियों से खासी बहस भी हुई और अधिकारियों ने यहां तक कह दिया कि हमारी जहां शिकायत करनी हो, आप कर सकते हो.
अमृत भारत स्टेशन की नई बिल्डिंग में दिखा गोयरा
मक्सी रेलवे स्टेशन का अमृत भारत योजना के तहत जीर्णोद्धार किया गया है. जिसके चलते यहां करोड़ों रुपए खर्च कर यात्रियों के लिए सुविधाएं जुटाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को डीआरएम के निरीक्षण के दौरान अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्मित नई बिल्डिंग परिसर में गोयरा (मॉनिटर लिजार्ड) जीव भी दिखाई दिया. जिस पर किसी अधिकारी का ध्यान नहीं गया. बता दें रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है. ऐसे में इस प्रकार के जीवों का सार्वजनिक परिसर में दिखाई देना सुरक्षा और सतर्कता की पोल खोलता है.
कमियां नहीं छुपा पाए जिम्मेदार…
मक्सी रेलवे स्टेशन रतलाम मंडल का महत्वपूर्ण जंक्शन है. दिन-रात बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों का संचालन और हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रतिदिन होती है. इस स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत करोड़ों रुपए खर्च कर यात्रियों की सुविधा अनुसार नया रूप दिया गया है, लेकिन जिनके पास इसके रखरखाव की जिम्मेदारी है, वे यहां की अव्यवस्थाओं पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहे. जिसके चलते यहां न तो बेहतर साफ-सफाई है और न ही यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाएं. ये खामियां छुपाने का जिम्मेदारों ने अथक प्रयास किया, लेकिन डीआरएम के दौरे ने अधिकारियों की सारी खामियों को उजागर कर दिया. इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोकना और उनके साथ बहस करना रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े करता है.
