जबलपुर: भेड़ाघाट स्थित भड़पुरा में बिना वैधानिक अनुमति के कृषि भूमि पर रघुकुल वैली विकसित कर शासन को करीब 98 लाख रुपये के राजस्व की चपत लगाने के मामले में ईओडब्ल्यू जबलपुर ने बिल्डर अकुल पाण्डेय के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी अनुसार बिल्डर अकुल पाण्डेय निवासी एसबीआई कालोनी, आनंदकुंज गढ़ा द्वारा ग्राम भड़पुरा के खसरा नंबर 103, 104, 105/1, 105/2 पर रघुकुल वैली का निर्माण किया जा रहा था। नगर व ग्राम निवेश की रिपोर्ट के अनुसार यह पूरी भूमि भेड़ाघाट विकास योजना 2021 में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है। नियमत: यहाँ आवासीय कॉलोनी का निर्माण प्रतिबंधित है, बावजूद इसके आरोपी ने बिना किसी स्वीकृत ले-आउट या विकास अनुज्ञा के निर्माण कार्य जारी रखा।
इन शुल्कों को डकार गया बिल्डर
जांच में पाया गया कि आरोपी बिल्डर ने कॉलोनी विकास के लिए अनिवार्य सरकारी शुल्कों का भुगतान नहीं किया, जिससे शासन को भारी आर्थिक क्षति हुई। जिसमें अनुज्ञा शुल्क लगभग 11 लाख रुपये, आश्रय शुल्क लगभग 78 लाख रुपये, पर्यवेक्षण एवं कर्मकार शुल्क लगभग 9 लाख रुपये, कुल 98,00,000 रूपए की क्षति पहुंचाई ।
आम जनता के साथ धोखा
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच आरोपी ने बिना भूमि डायवर्सन और बिना आवश्यक पंजीकरण के कृषि भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों (प्लॉट्स) में विभाजित कर अवैध रूप से बेचा। इस प्रक्रिया में न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाया गया, बल्कि आम जनता और हितग्राहियों को भी गुमराह कर उनके साथ धोखाधड़ी की गई। ईओडब्ल्यू ने आरोपी अकुल पाण्डेय के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
