
शाजापुर, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद शाजापुर आए थे, उस समय तत्कालीन कांग्रेस की परिषद ने चामुंडा माता टेकरी पर शौचालय निर्माण के लिए पैसे की मांग की थी, जिस पर राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख की राशि 29 जनवरी 2018 को देने की घोषणा की, जिसकी तकनीकी स्वीकृति 5 मार्च 2018 को शाजापुर नगरपालिका को प्राप्त हुई. 3 लाख 55 हजार का इस्टीमेट बनाया गया. ये टेंडर भी जायसवाल कंस्ट्रक्शन को मिला. जायसवाल कंस्ट्रक्शन ने 9.97 एबो एसओआर से निविदा प्राप्त की. जून 2018 को शौचालय निर्माण की विज्ञप्ति जारी की गई. लेकिन मौके पर कोई शौचालय का निर्माण नहीं किया गया. शौचालय की राशि से हॉल का निर्माण करा दिया गया.
गौरतलब है कि सांसद निधि से शौचालय के लिए मिली राशि से शौचालय तो नहीं बना, लेकिन उस राशि से एक हॉल बनाया गया, जबकि वह हॉल पहले से ही बना हुआ था. कई दानदाताओं ने इसमें अपना योगदान दिया. और इस प्रकार शौचालय के नाम पर एक और फर्जी भुगतान कर ठेकेदार को सीधा फायदा पहुंचाया गया.
शौचालय गायब, बना दिया हॉल…
सांसद विवेक तन्खा ने दो लाख की राशि शौचालय निर्माण के लिए परशुराम मंदिर चामुंडा टेकरी के समीप 7 दिसंबर 2017 को जारी की. लेकिन शौचालय की जगह ठेकेदारों ने दान से बने हॉल में ही कुछ पैसे लगाकर उसका निर्माण होना बता दिया. जबकि 2012 को नवीन हॉल निर्माण के लिए टीएस जारी की गई थी. और 2018 में शौचालय निर्माण जीर्णोद्धार के लिए एक और टीएस जारी की गई थी. शौचालय निर्माण के लिए तत्कालीन परिषद द्वारा पीआईसी ने संकल्प क्रमांक 635 29 जनवरी 2018 को शौचालय निर्माण की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई, लेकिन आज भी मौके पर कोई शौचालय नहीं है.
दानदाताओं ने हॉल में पत्थर लगवाए…
चामुंडा टेकरी में नगरपालिका द्वारा जो भी निर्माण कराए गए हैं, उसकी यदि बारीकी से जांच की जाए, तो सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हो सकता है. क्योंकि यहां पर कई दानदाताओं ने पैसे देकर काम कराया, जिसे ठेकेदारों ने अपना काम बताकर नगर पालिका से भुगतान करा लिया. यहां तक कि जो 4 लाख की लाइट लगी है, उसमें से आधे खंभे मौके से ही गायब हैं. इस मामले में मंदिर से जुड़ कई लोगों ने नवभारत को बताया कि जो हॉल नगरपालिका द्वारा बनवाया गया है, उसका फर्श और उसमें टाइल्स लोगों से सहयोग से लगाई गई है.
इनका कहना है
सांसद निधि से शौचालय के लिए राशि प्राप्त हुई थी. देखते हैं शौचालय बना था या नहीं.
– भूपेंद्र कुमार दीक्षित, सीएमओ-शाजापुर
